Nepal Flood: 84 भारतीय नागरिकों को बचाया गया, 290 से अभी भी संपर्क नहीं, अब तक 359 की मौत, कैसा है ताजा हालात?
Nepal Flood: भारत का पड़ोसी देश नेपाल कुदरत की तबाही के खौफनाक मंजर से गुजर रहा है। बाढ़ में अब तक 359 लोगों की मौत हो चुकी हैं। वहीं, करीब एक हजार से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Nepal Flood: नेपाल कुदरत की तबाही के खौफनाक मंजर से गुजर रहा है। बुधवार (26 अगस्त) की सुबह-सुबह जब लोग उठे ही थे और काम पर जाने की तैयारी कर रहे थे तो कुदरत के कहर ने उनका सब कुछ बरबाद कर दिया। कई फीट ऊंची लहरों के साथ ऐसा जल प्रलय आया कि अब तक करीब 359 लोगों ने अपनी जान गंवा दी हैं और मृतकों का आंकड़ा धीरे-धीरे बढ़ ही रहा है।
नेपाल में आए इस भयानक त्रासदी में सिर्फ नेपाल को ही क्षति नहीं पहुंची है, बल्कि भारत को भी नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस बाढ़ की वजह से अब भी करीब 290 भारतीय लापता है। हालांकि, इस बीच 84 भारतीय नागरिकों को बचाया भी गया है।
कुदरत के आगे नेपाल से चीन और भारत भी बेबस
नेपाल में भोटेकोशी नदी ने कुदरत की एक ऐसी खौफनाक मंजर लेकर आई कि जानमाल का भारी नुकसान हुआ। नेपाली नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के अनुसार इस भयानक बाढ़ (flash flood) और भूस्खलन की वजह से तब तक 359 लोगों की मौत हो चुकी है और ये आंकड़ा धीरे-धीरे बढ़ भी रहा है। इस त्रासदी में भारतीय लोगों को भी नुकसान झेलना पड़ा है।
84 भारतीय रेस्क्यू, 290 से अभी भी संपर्क नहीं
गुरुवार को विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि आपदा में अभी 21 लोगों को बचा लिया गया। इसके बाद शाम होते-होते समाचार एजेंसी ने बताया कि अभी तक 84 भारतीय लोगों को बचा लिया गया है। हालांकि, इस बीच एक दुखद खबर ये रही कि अब भी 290 लोगों के संपर्क नहीं हो पा रहा है। वहीं, रात को जारी एक बयान में कहा गया कि नेपाल में त्रिशूली-I प्रोजेक्ट में काम कर रहे 63 भारतीय नागरिकों बचाया गया है।
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PM बालेन शाह ने क्या कहा?
गुरुवार, 27 अगस्त को PM बालेन शाह ने बाढ़ प्रभवित नुवाकोट का दौरा किया और जमीनी हकीकत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा 'मैंने प्रभावित नागरिकों, स्थानीय लोगों के प्रतिनिधियों, सुरक्षाकर्मियों, हेल्थ वर्कर्स और बचाव और राहत में शामिल सभी लोगों से सीधे हालात के बारे में पूछा। हालात अभी भी मुश्किल हैं। सभी सरकारी सिस्टम पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं।'
आगे उन्होंने कहा ''नेपाल आर्मी, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाल पुलिस के कुल 13,295 सुरक्षाकर्मियों को सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने के लिए लगाया गया है। इसमें नेपाल पुलिस के 7,250, नेपाल आर्मी के 4,200 और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 1,845 जवान शामिल हैं। नेपाल आर्मी की जॉइंट ऑपरेशन कमेटी, NDRRMA की क्विक एक्शन टीम और PMO की रैपिड एक्शन टीम के ज़रिए लगातार कोऑर्डिनेशन और मॉनिटरिंग की जा रही है।