आपदाओं की गिरफ्त में नेपाल... भीषण बाढ़ से तबाह नेपाल अभी रेस्क्यू में ही जुटा है, तो चीन ने दे दी झील फटने की अगली चेतावनी
Nepal Flood: चीन ने नेपाल को चेतावनी दी है कि ल्हेन्डे नदी के ऊपरी हिस्से में झील के फटने से भीषण बाढ़ का खतरा हो सकता है। चीन की चेतावनी के बाद NDRRMA ने सावधानी बरतने की अपील की है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Nepal Flood: गुरुवार (27 अगस्त) को नेपाल में भोटेकोशी नदी में एक और बड़ी बाढ़ का खतरा बताया गया है। यह खतरा तब पैदा हुआ जब लेंडे नदी (जो भोटेकोशी नदी सिस्टम का ही हिस्सा है) के ऊपरी हिस्से में रुकावट के कारण एक झील बन गई।
गुरुवार को नेपाली नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और सभी संबंधित एजेंसियों से जरूरी सावधानी बरतने और पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है। सूचना में कहा गया है कि झील का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसके अचानक फटने का खतरा है।
समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि नेपाल के हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग के बाढ़ पूर्वानुमान डिवीजन की ओर से जारी एक विशेष सूचना के अनुसार, नेपाल के विदेश मंत्रालय के जरिए चीन से मिली जानकारी से पता चला है कि नदी उस जगह पर ब्लॉक हो गई है जहां बुधवार को भयानक अचानक बाढ़ (flash flood) आई थी, जिससे वहां एक झील बन गई है।
नदी के किनारों पर रहने वालों को NDRRMA का निर्देश
समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग ने एक नोटिस में कहा "इस स्थिति को देखते हुए और कोई सूचना मिलने तक, भोटेकोशी नदी के निचले किनारों पर रहने वाले लोगों, यात्रियों, बचाव कार्य में लगे बचाव कर्मियों और सभी संबंधित लोगों से सावधानी बरतें और नदी के किनारों वाले इलाकों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा है।"
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0.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक झील बनी
NDRRMA ने कहा कि रसुवागढ़ी सीमा से लगभग 18 किलोमीटर ऊपर की ओर लेंडे नदी का बहाव रुक गया है, जिससे लगभग 0.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक झील बन गई है। चूंकि एक और बड़ी बाढ़ का खतरा बना हुआ है, इसलिए निचले तटीय इलाकों में सभी संबंधित पक्षों से आग्रह आवश्यक सावधानी बरतें और पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की गई है।
भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ में 359 की मौत
'द काठमांडू पोस्ट' के अनुसार, बुधवार की विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या गुरुवार शाम 5 बजे (स्थानीय समय) तक बढ़कर 359 हो गई, और नेपाल के आठ जिलों से शव बरामद किए गए। रसुवा में 17, नुवाकोट में 28, धाडिंग में 33, चितवन में 132, गोरखा में 30, तनहुन में 82, नवलपरासी पूर्व में 82 और नवलपरासी पश्चिम में 15 शव बरामद किए गए।
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288 भारतीय लोग से कोई संपर्क नहीं
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस आपदा में करीब 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें 73 भारतीय नागरिक शामिल हैं जो त्रिशूली वन पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। वहीं, अभी तक 21 भारतीय लोगों को बचाया जा चुका है।