Mount Everest Record: माउंट एवरेस्ट पर एक ही दिन में 274 पर्वतारोहियों ने फतह की चोटी, अब तक के सारे रिकॉर्ड टूटे... क्या खतरे में है दुनिया की सबसे ऊंची चोटी?
माउंट एवरेस्ट पर नया रिकॉर्ड बन गया है। नेपाल की तरफ से एक दिन में 274 पर्वतारोहियों ने चोटी फतह कर ली, लेकिन बढ़ती भीड़ को लेकर चिंता भी जताई जा रही है? पढ़ें पूरी खबर।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 2 min read

Mount Everest Record: दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर एक ही दिन में रिकॉर्ड संख्या में पर्वतारोहियों ने चढ़ाई पूरी की है। नेपाल की तरफ से करीब 274 पर्वतारोही 8,849 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंच गए। ये नेपाल साइड से एक दिन में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। नेपाल के पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार (21 मई) को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौसम साफ रहने के कारण ये संभव हो सका। पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया गया है, जो साल 2019 में 223 पर्वतारोहियों का था।
रिकॉर्ड के साथ बढ़ी चिंता
इस रिकॉर्ड की खुशी के साथ एक चिंता भी जुड़ी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि एवरेस्ट पर बढ़ती भीड़ खतरनाक साबित हो सकती है। क्योंकि खराब मौसम में 'डेथ जोन' में इतनी भीड़ खतरे से खाली नहीं। इस साल नेपाल सरकार ने एवरेस्ट चढ़ाई के लिए रिकॉर्ड 492 परमिट ही जारी किए हैं। चीन की तरफ से तिब्बत रूट बंद होने के कारण सारा दबाव नेपाल साइड पर आ गया है।
नेपाल की अर्थव्यवस्था में माउंट एवरेस्ट का बड़ा रोल
1953 में एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोर्गे द्वारा पहली सफल चढ़ाई के बाद से पर्वतारोहण नेपाल की अर्थव्यवस्था का बड़ा सहारा बना । इस सीजन में अब तक सैकड़ों पर्वतारोही और उनके सहयोगी स्टाफ (शेरपा) चोटी पर पहुंच चुके हैं। पर्वतारोहियों की तस्वीरों, गाइडों के बयानों और प्रमाणपत्रों के आधार पर आगे की संख्या तय की जाएगी।
नेपाल सरकार को बेहतर प्लानिंग की जरूरत
एवरेस्ट पर भीड़ बढ़ने से पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है। कचरा और सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। नेपाल सरकार को अब बेहतर प्लानिंग और नियमों की सख्ती की जरूरत है ताकि ये रिकॉर्ड खुशी का सबब बने, न कि किसी दुर्घटना का। बतादें इस साल का स्प्रिंग क्लाइंबिंग सीजन जून के पहले हफ्ते तक चल सकता है। फिलहाल पर्वतारोहियों को सफलता के लिए बधाई दी जा रही है। लेकिन भविष्य में भीड़ नियंत्रण सबसे बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में नेपाल सरकार को पहले ही माउंट एवरेस्ट से जुड़ी चुनौतियों पर काम करना होगा।