अपडेटेड 24 March 2026 at 21:57 IST

Most Populated Country 2025: पाकिस्‍तान ने बनाया ऐसा रिकॉर्ड कि हो रही इंटरनेशनल बेइज्जती, दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों की लिस्‍ट में टॉप पर नाम

Most Populated Country 2025: IQAir द्वारा जारी 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ल्ड एयर क्वालिटी में भारी गिरावट आई है। पाकिस्तान दुनिया का सबसे प्रदूषित देश घोषित किया गया है।

Most Populated Country Pakistan World Air Quality Report 2025
Most Populated Country Pakistan World Air Quality Report 2025 | Image: AI

Most Populated Country World Air Quality Report 2025: दुनियाभर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर स्विस कंपनी IQAir ने अपनी ताजा 'वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2025' जारी की है, जिसके आंकड़े बेहद डरावने हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान अब दुनिया का सबसे प्रदूषित देश बन गया है। ]
कहां है भारत का स्थान?

वहीं, भारत की बात करें तो पिछले साल के मुकाबले रैंकिंग में थोड़ा सुधार हुआ है और वह पांचवें से छठे स्थान पर आ गया है, लेकिन प्रदूषण का स्तर अभी भी खतरे के निशान से बहुत ऊपर है। रिपोर्ट बताती है कि दुनिया के केवल 14% शहर ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सुरक्षित मानकों पर खरे उतरे हैं, जो पर्यावरण के लिहाज से एक बड़ा संकट है।

UP का लोनी दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर 

भारत के लिए सबसे ज्यादा चिंता की खबर उत्तर प्रदेश से आई है। गाजियाबाद का लोनी शहर दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में पहले नंबर पर पहुंच गया है। यहां हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों (PM2.5) का औसत स्तर 112.5 दर्ज किया गया है, जो WHO की सुरक्षित सीमा से 22 गुना ज्यादा है। 
वहीं, देश की राजधानी नई दिल्ली दुनिया का चौथा सबसे प्रदूषित शहर बनी हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि दुनिया के टॉप 10 सबसे प्रदूषित शहरों में भारत के 5 शहर हैं। इसमें लोनी, बर्नीहाट (असम), नई दिल्ली, गाजियाबाद और उला (पश्चिम बंगाल) का नाम शामिल है।

दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित देश 

बता दें, प्रदूषण के मामले में दक्षिण एशियाई देशों की हालत सबसे खराब है। नीचे दी गई आंकड़े से आप टॉप 10 देशों की स्थिति समझ सकते हैं-

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1. पाकिस्तान- 67.3 µg/m³
2. बांग्लादेश- 66.1 µg/m³
3. ताजिकिस्तान- 57.3µg/m³
4. चाड- 53.6 µg/m³
5. कांगो- 50.2µg/m³
6. भारत- 48.9 µg/m³
7. कुवैत- 45.7µg/m³
8. युगांडा- 43.0 µg/m³
9. मिस्र (इजिप्ट)- 40.6 µg/m³
10. उज्बेकिस्तान- 38.1 µg/m³

निगरानी तंत्र हुआ कमजोर

रिपोर्ट में साफ किया गया है कि 2025 में प्रदूषण बढ़ने के पीछे सिर्फ गाड़ियां या फैक्ट्रियां ही नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन के कारण जंगलों में लगी आग (Wildfires) भी एक बड़ी वजह रही है। कनाडा और यूरोप के जंगलों में लगी आग से रिकॉर्ड मात्रा में कार्बन उत्सर्जन हुआ, जिसने वैश्विक हवा को और ज्यादा जहरीला बना दिया। इसके अलावा, एक गंभीर चिंता यह भी जताई गई है कि अमेरिका के ग्लोबल एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्रोग्राम के बंद होने से करीब 44 देशों में प्रदूषण की निगरानी कमजोर हुई है, जिससे सटीक आंकड़े जुटाना अब पहले से कठिन हो गया है।

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Published By : Shashank Kumar

पब्लिश्ड 24 March 2026 at 21:57 IST