PM Modi Italy Visit: जब PM मोदी के सामने चेहरे पर मुस्कान विखेर जॉर्जिया मेलोनी ने बोली हिंदी तो सब चौंके, जानिए क्या कहा, VIDEO
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोम पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया। PM मोदी अपने पांच देशों के दौरे के आखिरी पड़ाव पर रोम पहुंचे हैं। इस बीच इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने संयुक्त प्रेस वार्ता में हिंदी बोलकर सभी को चौंका दिया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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PM Modi And Giorgia Meloni: इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोम पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया। PM मोदी अपने पांच देशों के आधिकारिक दौरे के आखिरी पड़ाव पर रोम पहुंचे हैं। इस बीच दोनों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
पीएम मोदी के इटली दौरे में बुधवार को जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार में बढ़ोतरी से लेकर अन्य कई मुद्दों पर अपनी-अपनी बात रखी। इस बीच पीएम मोदी के बाद इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान हिन्दी बोलकर सभी को चौंका दिया।
‘परिश्रम ही सफलता की कुंजी है’-जियोर्जिया मेलोनी
संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने कहा 'आपकी यह यात्रा हमारे लिए सम्मान की बात है। इससे हमारे देश के साथ संबंधों में एक नया अध्याय खुलता है। यह उस लंबी किताब का आखिरी अध्याय नहीं होगा जिसे आप हमारे साथ मिलकर लिख रहे हैं और हमारे काम को सर्वोत्तम तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं।'
आगे उन्होंने कहा 'एक भारतीय शब्द है जो इसे बखूबी व्यक्त करता है-परिश्रम। इसका अर्थ है कड़ी मेहनत। मुझे पता है, यह शब्द भारत में बहुत बार प्रयोग किया जाता है। इसका प्रयोग अक्सर इस लोकप्रिय कहावत के रूप में किया जाता है कि "परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।" इसका अर्थ है कि कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी है और हम अपने संबंधों को इसी तरह से बनाने के आदी हैं जहाँ कड़ी मेहनत ही सफलता का कारण बनती है।'
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व्यापार 20 अरब यूरो तक लेकर जाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी के साथ संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने कहा, "हम निश्चित रूप से अपने पहले से ही मजबूत व्यापार को 2029 तक मौजूदा 14 अरब यूरो से बढ़ाकर 20 अरब यूरो तक ले जाना चाहते हैं। यह एक बहुत ही महत्वाकांक्षी लक्ष्य है जिसे यूरोपीय संघ और भारत के बीच हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौते से उत्पन्न संभावनाओं का लाभ उठाकर हासिल किया जा सकता है।
आगे उन्होंने कहा ‘ यह लक्ष्य इसलिए भी हासिल किया जा सकता है क्योंकि हमारे आर्थिक और उत्पादक पारिस्थितिकी तंत्र एक-दूसरे के पूरक हैं। हम इनोवेट इंडिया इनिशिएटिव को बढ़ावा देने में भी लगे हुए हैं, जिसके तहत नई दिल्ली में एक केंद्र की स्थापना की जाएगी जो हमारी प्रतिभाओं, हमारे नवोन्मेषी पारिस्थितिकी तंत्र, हमारे स्टार्टअप, उद्यमों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा दे सकेगा।’