अली खामेनेई के जनाजे पर आंसू बहा रहा ईरान, ट्रंप ने उड़ाया मजाक, कहा- हम अच्छे लोग हैं, एक हफ्ते की छूट दी
US Iran: 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमलों में मारे गए ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का अंतिम संस्कार कार्यक्रम जारी है। इस बीच ट्रंप ने ईरान का मजाक उड़ाया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Donald Trump on Ali Khamenei Funeral: नम आंखों के साथ ईरान अपने पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई दे रहा है। तेहरान में खामेनेई का अंतिम संस्कार कार्यक्रम जारी है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तंज कसा है। उन्होंने अमेरिकियों को अच्छा बताया और कहा कि ईरान को खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी गई है।
ईरान समझौते के लिए बेताब है- ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हमने ईरान की बहुत बुरी तरह पिटाई की है। वे समझौता करने के लिए बेताब हैं। वे बहुत बुरी तरह सुलह करना चाहते हैं। हमने उन्हें अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते की छूट दी क्योंकि हम अच्छे लोग हैं। ट्रंप ने यह बातें अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस समारोह के जश्न से पहले माउंट रशमोर में हुई एक बड़ी सभा में कही। उनके बयान पर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाई।
28 फरवरी को हुई थी मौत
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। हमले में उनके परिवार के कई सदस्यों की भी मौत हो गई थी। इनमें उनकी बेटी, दामाद, पोती और बहू शामिल थे। खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई इस अटैक में भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। अली खामेनेई की मौत के बाद उन्हें ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया।
युद्ध की वजह से खामेनेई का अंतिम संस्कार अब तक नहीं हुआ था। महीनों तक उनके शव को सुरक्षित रखा गया था। 9 जुलाई को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इससे पहले कई दिनों तक अंतिम संस्कार कार्य चल रहे हैं।
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खामेनेई का अंतिम विदाई समारोह जारी
खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार की शुरुआत 3 जुलाई को तेहरान से हुई। पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, उनकी पत्नी, बेटी, दामाद और 14 महीने की पोती के शव को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला कॉम्प्लेक्स में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। देश-विदेश से आए हजारों लोग और 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि वहां श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
खामेनेई का पार्थिव शरीर तीन दिनों तक आम जनता के दर्शन के लिए रखा जाएगा। 6 जुलाई को तेहरान की सड़कों पर उनका अंतिम जुलूस निकाला जाएगा। उन्हें 9 जुलाई को उनके जन्मस्थान मशहद में अंतिम रूप से दफनाया जाएगा।