दुआ में उठे हाथ, आखों में आंसूओं का सैलाब...अली खामेनेई को अंतिम विदाई देते खुद को रोक नहीं पाए गालिबाफ-अराघची, फफककर रोए- VIDEO
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए कई दिनों तक चलने वाला राजकीय शोक कार्यक्रम शुरू हो गया है। तेहरान में कड़ी सुरक्षा के बीच शीर्ष राजनेता और अधिकारी उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का करीब हफ्तेभर चलने वाला अंतिम संस्कार कार्यक्रम जारी है। शुक्रवार (3 जुलाई) को उनका शव तेहरान के ग्रैंड मोसाला में आखिरी दर्शन के लिए रखा गया। इस दौरान दुनियाभर के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। अली खामेनेई को अंतिम विदाई देते हुए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ खुद को संभाल नहीं पाए। दोनों फूट-फूटकर रोने लगे।
फूट-फूटकर रोए स्पीकर
अली खामेनेई के अंतिम दर्शन से एक वीडियो सामने आया है। इसमें ईरानी स्पीकर गालिबाफ दुआ पढ़ने के दौरान फूट-फूटकर रोते देखा जा सकता है। वहीं, उनके बगल में खड़े ईरानी विदेश मंत्री अराघची काफी भावुक नजर आ रहे हैं।
भारतीय डेलिगेशन ने दी श्रद्धांजलि
तेहरान में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए शोक समारोह शुरू हो गया है। इस मौके पर भारतीय डेलिगेशन भी ईरान गया है। डेलिगेशन में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा शामिल हैं। उनके अलावा PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद भी वहां पहुंचे हैं। सभी ने वहां अली खामेनेई के अंतिम दर्शन में पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। भारत के विभिन्न धर्मों के धार्मिक नेताओ ने खामनेई का जनाजे पर प्रार्थनाएं की।
ग्रैंड मोसाला कॉम्प्लेक्स में रखा गया खामेनेई का शव
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में 28 फरवरी को ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई मारे गए थे। अब महीनों बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 से 9 जुलाई के बीच ईरान के कई शहरों में होगा। खामेनेई का पार्थिव शरीर तेहरान के ग्रैंड मोसाला कॉम्प्लेक्स में लोगों के दर्शन के लिए रखा गया है। 6 जुलाई को तेहरान में अंतिम संस्कार का जुलूस निकाला जाएगा। अधिकारियों ने इस दिन प्रांत में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। उन्हें 9 जुलाई को उनके जन्मस्थान मशहद में अंतिम रूप से दफनाया जाएगा।