अपडेटेड 5 March 2026 at 14:52 IST
Israel Iran War: ईरान ने अमेरिका के इस प्लान पर फेरा पानी, इराकी कुर्दिस्तान इलाके में दागी ताबड़तोड़ मिसाइलें, भारी तबाही
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इराकी कुर्दिस्तान क्षेत्र में कुर्द लड़ाकों के अड्डों पर तीन घातक मिसाइलें फेंकी हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार, ये हमले उन ठिकानों पर केंद्रित थे जहां कुर्द उग्रवादी सक्रिय थे और अमेरिका द्वारा प्रशिक्षित होकर ईरान विरोधी अभियानों के लिए तैयार किए जा रहे थे।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इराकी कुर्दिस्तान क्षेत्र में कुर्द लड़ाकों के अड्डों पर तीन घातक मिसाइलें फेंकी हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार, ये हमले उन ठिकानों पर केंद्रित थे जहां कुर्द उग्रवादी सक्रिय थे और अमेरिका द्वारा प्रशिक्षित होकर ईरान विरोधी अभियानों के लिए तैयार किए जा रहे थे।
इस कार्रवाई से ईरान ने अपनी सीमाओं के निकट सक्रिय सशस्त्र गुटों को करारा संदेश दिया है।
यह घटना उस समय घटी जब ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव चरम पर पहुंच चुका है। मिसाइल हमलों ने क्षेत्रीय अस्थिरता को नई ऊंचाई दे दी है, और ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह बाहरी साजिशों या प्रायोजित समूहों को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बर्दाश्त नहीं करेगा।
अमेरिकी कुर्द रणनीति को झटका
अमेरिका इन कुर्द लड़ाकों को ईरान में अराजकता फैलाने और जमीनी स्तर पर सहायता देने के इरादे से इस्तेमाल करना चाहता था। IRGC के मिसाइल हमलों ने इस योजना को करारा धक्का पहुंचाया। संगठन ने बयान जारी कर हमले की पुष्टि की और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य कदम बताया।
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मध्य पूर्व में उफान पर तनाव
इराकी कुर्दिस्तान में इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित हो गया है। तीन मिसाइलों के इस हमले ने ईरान की दृढ़ता का परिचय दिया, जो विरोधी ताकतों के विरुद्ध किसी भी सीमा तक जाने को तैयार है। यह विदेशी समर्थन वाली शक्तियों के लिए कड़ी चेतावनी है जो ईरान को घेरने की चालें चला रही हैं।
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ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इराकी कुर्दिस्तान में कुर्द लड़ाकों के अड्डों पर तीन खतरनाक मिसाइलें दागीं। सरकारी मीडिया के मुताबिक, ये निशाने वे थे जहां अमेरिका द्वारा प्रशिक्षित कुर्द उग्रवादी ईरान के खिलाफ हमलों की तैयारी कर रहे थे। ईरान ने अपनी सरहदों के पास सक्रिय सशस्त्र गुटों को सबक सिखाने के लिए यह कदम उठाया। अमेरिका-इजरायल के साथ तनाव चरम पर होने के बीच यह सैन्य अभियान हुआ। हमलों से इलाके में तनाव और भड़क गया, ईरान ने दो टूक कहा कि बाहरी हस्तक्षेप या उनके पिट्ठुओं को वह बर्दाश्त नहीं करेगा।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 5 March 2026 at 14:52 IST