भूटान में कुदरत का कहर: ग्लेशियल झील फटने से फ्लैश फ्लड से भारी तबाही, पश्चिम बंगाल में भी हाई अलर्ट
भूटान के लेमथांग में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की खबर आई है, जिसके बाद नदियों के रास्ते भारत की ओर तेजी से फ्लैश फ्लड बढ़ रहा है। पश्चिम बंगाल और असम के कई इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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भूटान में गुरुवार रात लेमथांग में एक 'ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड' (GLOF) यानी हिमनद झील के फटने की घटना सामने आई है, जिसके चलते पश्चिम बंगाल और असम के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। भूटान के लेमथांग में एक 'ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड' (GLOF) यानी हिमनद झील के फटने की घटना सामने आई है। झील से बाहर निकला पानी मो छू नदी के रास्ते नीचे की ओर बहते हुए संकोश नदी की तरफ जा रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पूरे उत्तर बंगाल में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और आपातकालीन तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
4,000 से 5,000 लोगों को शेल्टर में भेजा गया
फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए अलीपुरद्वार के पुलिस सुपरिटेंडेंट अमित कुमार शॉ ने लोगों से नहीं घबराने की अपील की और कहा कि एडमिनिस्ट्रेशन इस स्थिति से निपटने के लिए भूटानी अधिकारियों और अलग-अलग डिज़ास्टर रिस्पॉन्स एजेंसियों के साथ कोऑर्डिनेट कर रहा है।
उन्होंने कहा ""सबसे पहले, मैं ज़िले के लोगों को बताना चाहूंगा कि घबराने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। अभी हालात काबू में हैं। हम भूटान में अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। हमारी पुलिस टीम, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) और ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) अपनी-अपनी टीमों के साथ, सभी संबंधित एजेंसियों और स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर मिलकर काम कर रहे हैं।"
दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट
संकोश नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई है। दार्जिलिंग पहाड़ियों, तराई और डुआर्स इलाकों के लोगों से भी बाढ़ की संभावना को देखते हुए अलर्ट रहने की अपील की गई है। वहीं, संकोश नदी और उसकी सहायक नदियों के आसपास के इलाकों में सायरन बजाकर लोगों को लगातार सतर्क किया जा रहा है।
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BJP MP राजू बिस्टा की जनता से अपील
दार्जिलिंग से BJP MP राजू बिस्टा ने X पर एक पोस्ट में इस डेवलपमेंट के बारे में अलर्ट शेयर किया, और कमज़ोर इलाकों में रहने वालों से सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा, “इसलिए, सनकोश नदी और उससे जुड़ी सभी सहायक नदियों के कैचमेंट एरिया में रहने वाले सभी लोगों को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत सुरक्षित दूरी पर जाने की जानकारी दी गई है। हमारे दार्जिलिंग हिल्स, तराई और डुआर्स इलाके में सभी से अलर्ट रहने की रिक्वेस्ट है।"
हालात को संभालने के लिए NDRF और SDRF टीम एक्टिव
किसी भी हालात से निपटे के बारे में जानकारी देते हुए राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने कहा कि "हालात को संभालने के लिए, स्टेट डिज़ास्टर मैनेजमेंट टीम को एक्टिव कर दिया गया है, और NDRF को भी बता दिया गया है। डिज़ास्टर मैनेजमेंट वॉलंटियर्स को मौके पर मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। सरकार जान-माल के किसी भी नुकसान को रोकने के लिए पहले से कदम उठा रही है और हालात पर करीब से नज़र रख रही है।"