Nepal Flood: चीन से आई तबाही की लहर, पल भर में बहा ले गई कई जिंदगियां... ताश की पत्तों की तरह ढह गया फ्रेंडशिप ब्रिज, खौफनाक VIDEO
नेपाल और चीन की सीमा पर स्थित 'फ्रेंडशिप ब्रिज' के समीप जलप्रलय का एक भयावह और दिल दहला देने वाला दृश्य देखने को मिला है। वायरल वीडियो में पानी की प्रचंड और बेकाबू धारा के सामने विशाल निर्माणों को ताश के पत्तों की तरह ढहते हुए साफ देखा जा सकता है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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नेपाल-चीन सीमा पर ग्यिरोंग केरुंग पोर्ट के पास आई भयानक बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। तिब्बत में लैंडस्लाइड और भोटे कोशी नदी में आए उफान की वजह से दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। इस आपदा में 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 105 भारतीय पर्यटकों सहित करीब 384 लोग लापता हैं।
ताश के पत्तों की तरह ढही 7 मंजिला इमारत
चीन सरकार द्वारा जारी खौफनाक सीसीटीवी फुटेज में इस प्रलय की भयावहता साफ देखी जा सकती है। केरुंग बॉर्डर पर स्थित 6-7 मंजिला विशाल कस्टम ऑफिस, जो चीन-नेपाल व्यापार और मानसरोवर यात्रा का मुख्य केंद्र था, पानी के प्रचंड वेग में ताश के पत्तों की तरह बह गया। पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस जलप्रलय ने 40 किलोमीटर लंबी सड़क और करीब 19 पुलों को पूरी तरह से नामो-निशान मिटा दिया है।
105 भारतीयों समेत सैकड़ों पर्यटक लापता
नेपाल पर्यटन बोर्ड (NTB) के अनुसार, रसुवा जिले में आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के बाद से 384 लोग लापता हैं। इनमें 105 भारतीय पर्यटक, 37 एनआरआई और अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया व मलेशिया जैसे देशों के नागरिक शामिल हैं। नदी किनारे बसे इलाकों में भयंकर तबाही हुई है और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है।
तिब्बत में लैंडस्लाइड से नेपाल में तबाही
यह हादसा बुधवार सुबह तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के शिगात्से स्थित ग्यिरोंग काउंटी में हुआ। लैंडस्लाइड के कारण ग्यिरोंग-रासुवा सीमा मार्ग बंद हो गया और संचार व बिजली आपूर्ति ठप हो गई। चूंकि भोटे कोशी नदी का कैचमेंट एरिया तिब्बत में है, इसलिए वहां से आए पानी के तेज बहाव ने नेपाल के रसुवा, धाडिंग और नुवाकोट जिलों को जलमग्न कर दिया।
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राहत और बचाव अभियान में जुटी सेना
आपदा की गंभीरता को देखते हुए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मडस्लाइड से प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। आपातकालीन राहत कार्यों के लिए 'पीपल्स आर्म्ड पुलिस' के 145 अधिकारियों और जवानों को सीमावर्ती इलाके में भेजा गया है। वहीं, नेपाल स्थित चीनी दूतावास ने आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय करते हुए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है और फंसे हुए नागरिकों को निकालने के लिए बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
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