Ebola Outbreak: इबोला वायरस से हुई 200 लोगों की मौत, मचा दुनियाभर में हड़कंप; WHO ने किया अलर्ट तो एक्शन में स्वास्थ्य मंत्रालय

अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इबोला वायरस रोग के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हाल ही में देश की तैयारियों और सुरक्षा उपायों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की।

Ebola Outbreak
Ebola Outbreak | Image: ANI

अफ्रीका के कुछ हिस्सों में पैर पसार रहे इबोला वायरस रोग के मामलों को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हाल ही में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश की तैयारियों का जायजा लेना और भविष्य में किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए मजबूत सुरक्षा तंत्र तैयार करना था।

 गंभीरता को देखते हुए, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस प्रकोप को 'अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' (PHEIC) घोषित किया है। वहीं, 'अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र' ने इसे 'महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' (PHECS) का दर्जा दिया है।

इबोला वायरस क्या है?

यह एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जो संक्रमित जानवरों जैसे चमगादड़ या बंदर से इंसानों में और फिर संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीना, लार आदि के सीधे संपर्क में आने से फैलती है। इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द और ब्लिडिंग शामिल है।

इबोला वायरस कहां से आया? 

इबोला वायरस सबसे पहले वर्ष 1976 में मध्य अफ्रीका के कांगो और सूडान में फैला था। कांगो में यह बीमारी इबोला नदी के पास स्थित एक गांव में फैली थी, जिसके कारण इसे यह नाम मिला।

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भारत में इबोला वायरस के मामले शून्य 

हालांकि वैश्विक स्तर पर इस वायरस को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, लेकिन भारत में एक बड़ी राहत की खबर है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में देश में इबोला वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद, सरकार किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के इस दौर में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

उच्च स्तरीय बैठक में जुटे देश के शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी

स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा द्वारा बुलाई गई इस समीक्षा बैठक में देश के शीर्ष चिकित्सा और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक, स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक (DGHS), अतिरिक्त सचिव (सार्वजनिक स्वास्थ्य), राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) के निदेशक और मंत्रालय के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान अधिकारियों ने वैश्विक स्थिति और भारत की मौजूदा निगरानी पर एक विस्तृत जानकारी दी।

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तैयारियों को मजबूत करने पर जोर

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे देश के सभी प्रमुख हवाई अड्डों, बंदरगाहों और भूमि सीमाओं पर निगरानी कड़ी करें। विशेष रूप से प्रभावित अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और हेल्थ डिक्लेरेशन पर ध्यान देने को कहा गया है।

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Published By :
Aarya Pandey
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