भूकंप के तेज झटकों से कांपी तुर्किए की धरती, दहशत में लोग, रिक्टर स्केल पर 5.8 की तीव्रता
तुर्की के दियारबाकिर, अदियामान और सानलिउर्फा समेत आसपास के कई इलाकों में गुरुवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 5.8 बताई जा रही है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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तुर्की में गुरुवार को भूकंप के बेहद तेज झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय लोगों के बीच भारी दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.8 है। इस भूकंप का प्रभाव तुर्की के कई प्रमुख शहरों और आसपास के इलाकों में देखा गया। विशेष रूप से दियारबाकिर, अदियामान और सानलिउर्फा जैसे इलाके इससे सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। दियारबाकिर में भूकंप के झटके सबसे ज्यादा तीव्र थे। फिलहाल आपातकालीन टीमें प्रभावित इलाकों में स्थिति का आकलन कर रही हैं।
अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल किसी के मारे जाने या घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन की टीमें अलग-अलग इलाकों में जाकर हालात का जायजा ले रही हैं। भूकंप के बाद किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने आती है या नहीं, इसे लेकर निगरानी जारी है।
फरवरी 2023 में भी आई थी भयानक तबाही, भारत ने की थी मदद
इस भूकंप ने लोगों के मन में फरवरी 2023 में आई उस भयावह तबाही की यादें एक बार फिर ताजा कर दी हैं। उस दौरान 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप ने तुर्की और पड़ोसी देश सीरिया को बुरी तरह तबाह कर दिया था। उस भीषण आपदा में दोनों देशों में अनगिनत घर ताश के पत्तों की तरह ढह गए थे और हजारों लोग मलबे में दब गए थे। उस वक्त शुरुआती आंकड़ों में ही 3,616 से अधिक लोगों की जान चली गई थी, जिसमें तुर्की में करीब 2,316 और सीरिया में कम से कम 1,300 मौतें शामिल थीं।
भारत ने की थी तुर्किए की मदद
इस भीषण संकट के समय भारत ने एक सच्चे मित्र की भूमिका निभाते हुए तत्काल सहायता भेजी थी। भारत की ओर से भूकंप राहत सामग्री की पहली खेप तुर्की पहुंचाई गई थी, जिसमें एनडीआरएफ (NDRF) की खोज और बचाव टीम, विशेष रूप से डॉग स्क्वाड, चिकित्सा आपूर्ति, आधुनिक ड्रिलिंग मशीनें और अन्य आवश्यक उपकरण शामिल थे। बार-बार आ रहे ये झटके क्षेत्र की संवेदनशीलता को लेकर एक बार फिर बड़ी चिंता पैदा कर रहे हैं।