Iran-US Deal: 'तेल से भरे जहाज होर्मुज से बाहर निकलने लगे हैं, डील का मकसद...', ट्रंप ने दी नई खुशखबरी, दुनिया की टेंशन हो गई खत्म?

Donald Trump on Strait of Hormuz: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि समझौता डिजिटल रूप से पहले ही फाइनल हो चुका है। 19 जून (शुक्रवार) को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर होंगे।

Donald Trump on Strait of Hormuz
ट्रंप ने दी एक और गुड न्यूज | Image: X

Strait of Hormuz: लंबे समय से चले तनाव और युद्ध के बीच आखिरकार राहत की सांस आई है। अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता हो गया है। इसके साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी खुल रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी खुशखबरी देते हुए बताया है कि तेल से भरे कई जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बाहर निकलना शुरू हो गए हैं।

ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तेल से लदे कई जहाज होर्मुज जलमार्ग से बाहर निकल रहे हैं। ये जहाज ओमान के समुद्री क्षेत्र वाले 'साउदर्न हाईवे' से जा रहे हैं। उन्होंने इस रास्ते को सुरक्षित और बेहतरीन बताया है।

महीनों तक चले तीखे विवाद, नाकाबंदी और युद्ध ने न सिर्फ मध्य पूर्व को अस्थिर किया था, बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल दिया था। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से विश्व का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है, युद्ध की चपेट में आने के कारण लगभग बंद हो गया था। इससे तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं और कई देश ईंधन संकट का सामना कर रहे थे। अब यह डील उस पूरे खतरे को टालती दिख रही है।

अब 19 जून का इंतजार

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि समझौता डिजिटल रूप से पहले ही फाइनल हो चुका है। 19 जून (शुक्रवार) को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर होंगे।

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ट्रंप ने स्पष्ट किया कि डील का मुख्य मकसद क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और निर्बाध तेल आपूर्ति सुनिश्चित करना है। ईरान की ओर से भी सकारात्मक संकेत आए हैं।

होर्मुज से गुजरने वालों जहाजों से टोल वसूलेगा ईरान? 

ईरान ने होर्मुज जलमार्ग पर फीस को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। उसकी ओर से कहा गया है कि वह इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से सीधे टोल टैक्स नहीं वसूलेगा। इसकी जगह वह जहाजों को दी जाने वाली सर्विस के बदले फीस लेगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि यह फीस जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिखाने के लिए ली जाएगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, इनश्योरेंस और अन्य जरूरी समुद्री सेवाओं के लिए लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान हमेशा से ट्रांजिट टोल लगाने के खिलाफ रहा है।

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हालांकि आधिकारिक हस्ताक्षर तक कुछ सावधानियां बरती जा रही हैं, लेकिन ट्रंप की घोषणा के बाद होर्मुज में जहाजों की आवाजाही शुरू हो जाना खुद में एक बड़ी राहत है। वैश्विक बाजार पहले ही सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं- तेल की कीमतों में गिरावट आई है और शेयर बाजारों में उछाल देखा जा रहा है।

यह समझौता न सिर्फ तेल की आपूर्ति बहाल करेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व में शांति की नई उम्मीद जगाएगा। 

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Published By:
 Ruchi Mehra
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