अपडेटेड 8 January 2026 at 18:13 IST

बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या का मुख्य आरोपी यासीन अराफात गिरफ्तार, मस्जिद में था टीचर, उसी ने दीपू दास को पहले घसीटा फिर...

पुलिस के अनुसार, अराफात ने ही कथित ईशनिंदा के नाम पर भीड़ को इकट्ठा किया और दीपू दास की हत्या की पूरी साजिश रची थी। गिरफ्तार किया गया यासीन अराफात एक पूर्व शिक्षक है और स्थानीय मस्जिद में पढ़ाता था।

Dipu Das Lynching: Bangladesh Police Arrest Key Accused Who Allegedly Incited Mob
बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या का मुख्य आरोपी यासीन अराफात गिरफ्तार, मस्जिद में था टीचर, उसी ने दीपू दास को पहले घसीटा फिर... | Image: Republic

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों एक हिंदू गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू चंद्र दास की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को सरेआम जला दिया गया। इस मामले ने दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींचा और तमाम जगह यूनुस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हुए। ऐसे में बांग्लादेश की पुलिस को कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा है। पुलिस ने दीपू दास मामले के मुख्य आरोपी यासीन अराफात को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, अराफात ने ही कथित ईशनिंदा के नाम पर भीड़ को इकट्ठा किया और दीपू दास की हत्या की पूरी साजिश रची थी। गिरफ्तार किया गया यासीन अराफात एक पूर्व शिक्षक है और स्थानीय मस्जिद में पढ़ाता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि अराफात ने अपनी स्थानीय साख का इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में कट्टरपंथियों को जुटाया। चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक, अराफात ने न केवल भीड़ को उकसाया, बल्कि वह खुद दीपू दास को घसीटते हुए चौराहे तक ले गया, जहां उसे पेड़ से लटकाकर आग के हवाले कर दिया गया।

हत्याकांड पर एक नजर

दीपू दास की हत्या की कहानी बहुत ही दर्दनाक है। 27 साल का दीपू एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करता था। हत्या वाले दिन सुपरवाइजरों ने उसे जबरन इस्तीफा देने पर मजबूर किया था। इसके बाद उसे फैक्ट्री परिसर से बाहर निकाल दिया गया। वहां पहले से ही कट्टरपंथी हमलावरों का एक समूह मौजूद था। 

पुलिस को शक है कि कुछ सहकर्मी भी इस हमले में शामिल थे। उन्होंने ही दीपू को हमलावरों के हवाले किया था। फैक्ट्री के भीतर क्या हुआ इसकी भी जांच की जा रही है। अब तक पकड़े गए 21 लोगों से पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इस घटना ने कार्यस्थलों पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर डर पैदा कर दिया है। हिंदू समुदाय के लोग अब काम पर जाने से भी कतरा रहे हैं।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 8 January 2026 at 17:55 IST