Diamond Land: इस देश को कहा जाता है 'डायमंड लैंड', जिसके आगे फीकी है कोहिनूर की चमक और कीमत

Diamond Land: हीरों की चमक और कोहिनूर की ऐतिहासिक विरासत ने हमेशा दुनिया को आकर्षित किया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा देश भी है जिसे असली 'डायमंड लैंड' कहा जाता है? आइए जानते हैं।

Diamond Land
Diamond Land | Image: Freepik

Diamond Land: जब भी दुनिया के सबसे कीमती हीरे की बात होती है, तो हमारे जेहन में सबसे पहला नाम 'कोहिनूर' का आता है। सदियों से भारत का यह ऐतिहासिक हीरा अपनी चमक और विवादों के कारण चर्चा में रहा है। लेकिन आज की तारीख में एक ऐसा देश है, जिसे दुनिया का असली 'डायमंड लैंड' कहा जाता है। यहाँ की खदानों से निकलने वाले हीरों की भव्यता और कीमत के आगे कोहिनूर की चमक भी कुछ कम लगने लगती है।

आइए इस लेख में विस्तार से डायमंड लैंड के बारे में जानते हैं।

अफ्रीका के बोत्सवाना को कहते हैं डायमंड  

बोत्सवाना केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी धरती के नीचे छिपे 'सफेद सोने' के लिए भी जाना जाता है। रूस के बाद मूल्य के मामले में बोत्सवाना दुनिया का सबसे बड़ा हीरा उत्पादक देश है। यहाँ से निकलने वाले हीरे न केवल आकार में विशाल होते हैं, बल्कि उनकी शुद्धता और पारदर्शिता दुनिया में सबसे बेहतरीन मानी जाती है।

हीरों नबे बदली बोत्सवाना की तकदीर

कोहिनूर का अपना एक ऐतिहासिक महत्व है, लेकिन अगर हम आधुनिक खोजों की बात करें, तो बोत्सवाना ने दुनिया को हैरान कर दिया है।  हाल ही में बोत्सवाना की करोवे खदान से 2,492 कैरेट का एक विशाल कच्चा हीरा मिला है। यह इतिहास के सबसे बड़े हीरों में से एक है। बोत्सवाना की खदानों से निकलने वाले 'टाइप IIa' हीरे अपनी असाधारण स्पष्टता के लिए जाने जाते हैं। इनकी चमक ऐसी होती है कि बड़े-बड़े जौहरी भी दांतों तले उंगली दबा लेते हैं। आपको बता दें, जहां कोहिनूर अमूल्य है क्योंकि वह बिकाऊ नहीं है, वहीं बोत्सवाना के हीरों की नीलामी अरबों रुपयों में होती है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ी हलचल पैदा करती है।

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क्या है बोत्सवाना का इतिहास

हीरे बोत्सवाना के लिए केवल पत्थर नहीं, बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। 1966 में आजादी के वक्त बोत्सवाना दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक था, लेकिन हीरों की खोज ने इसकी तकदीर बदल दी। आज इस देश की जीडीपी का एक-तिहाई हिस्सा और निर्यात राजस्व का लगभग 80% हीरों से आता है। यहां की सरकार ने हीरों से होने वाली आय का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक बेहतर कदम है। 
 

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Published By :
Sujeet Kumar
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