Iran Israel War: होर्मुज पर फिर भारी तनाव, अमेरिका ने शुरू की नाकेबंदी तो ईरान ने दी धमकी; नेतन्याहू की दो टूक- कभी भी टूट सकता है सीजफायर

US-Israel-Iran War: इस्लामाबाद वार्ता फेल होने के बाद अमेरिका ने होर्मुज में जहाजों की नाकेबंदी का बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप की इस कार्रवाई का इजरायल समर्थन कर रहा है। नेतन्याहू ने कहा कि सीजफायर नाजुक है और किसी भी वक्त टूट सकता है।

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टूटने वाला है सीजफायर? | Image: AP

US-Israel-Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग भले ही अभी थमी हुई हो, लेकिन हालात जल्द ही बदल सकते हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर फिर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। इस्लामाबाद में वार्ता फेल होने के बाद ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने की धमकी दे दी है। इस बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान और अमेरिका में जारी सीजफायर बेहद नाजुक स्थिति में हैं और किसी भी वक्त टूट सकता है।

नेतन्याहू ने सोमवार (13 अप्रैल) कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर (युद्धविराम) किसी भी पल बदल सकता है। उन्होंने बताया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान में ईरान के साथ बातचीत से लौटते समय उन्हें इस बारे में जानकारी दी।

'समझौते के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं कर सका अमेरिका'

इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिकी पक्ष ईरान द्वारा बातचीत शुरू करने के समझौते के खुले उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं कर सका। समझौता यह था कि वे गोलीबारी रोक देंगे, और ईरान तुरंत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोल देगा, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अमेरिकी पक्ष इसे स्वीकार नहीं कर सका।

नेतन्याहू के अनुसार वेंस ने उन्हें बताया कि अमेरिका के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि ईरान के पास मौजूद सारी संवर्धित (enriched) सामग्री हटाना और आने वाले कई सालों, शायद दशकों तक... ईरान के अंदर कोई भी यूरेनियम संवर्धन (enrichment) न होने देना। यह उनका मुख्य फोकस है, और हमारे लिए भी यह बहुत जरूरी है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि ट्रंप के ईरानी बंदरगाहों पर नौसेना ब्लॉकेड लगाने के फैसले का इजरायल पूरा समर्थन करता है।

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अमेरिका ने शुरू की नाकेबंदी की तैयारी

इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड (U.S. Central Command) ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि 13 अप्रैल, 2026 को सुबह 10 बजे ईस्टर्न टाइम (ET) से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात पर नाकेबंदी लागू कर दी जाएगी। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति आदेश के अनुपालन में उठाया जा रहा है।

CENTCOM ने स्पष्ट किया कि नाकेबंदी सभी राष्ट्रों के जहाजों पर समान रूप से लागू होगी। इसमें ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश या निकास करने वाले सभी कमर्शियल और जहाजी यातायात शामिल हैं। ये बंदरगाह अरब सागर और ओमान की खाड़ी में स्थित हैं।

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हालांकि, CENTCOM ने यह भी साफ किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले गैर-ईरानी बंदरगाहों के लिए जहाजों की स्वतंत्र नेविगेशन पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी यानी अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर सामान्य यातायात जारी रहेगा।

ट्रंप की धमकी पर क्या बोला ईरान? 

ट्रंप की होर्मुज को ब्लॉक करने की धमकी पर ईरान का भी जवाब आया है। ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ने कहा कि अगर हमारे बंदरगाह खतरे में पड़े, तो खाड़ी का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। उन्होंने होर्मुज में जहाजों पर अमेरिकी पाबंदी को अवैध बताया और कहा कि यह “समुद्री डकैती के समान” है। ईरान जलमार्ग को कंट्रोल करने के लिए एक “स्थायी तंत्र” लागू करेगा।

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Published By :
Ruchi Mehra
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