अपडेटेड 1 March 2026 at 10:48 IST
खंडहर में तब्दील दफ्तर, हर तरफ धुआं-धुंआ... ईरान में जिस जगह मारे गए खामेनेई, वहां की सबसे पहली तस्वीर आई सामने
अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर ताबड़तोड़ हमला किया है। इसमें खामेनेई के आवास और कंपाउंड को निशाना बनाया गया। अब हमले के बाद की सैटेलाइट तस्वीर सामने आई है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Khamenei compound Satellite Images: इस समय मिडिल ईस्ट में हाहाकार मचा हुआ है। इजरायल और अमेरिका के सैन्य ऑपरेशन से ईरान की धरती धमाकों से थर्रा उठी है। तेहरान से लेकर चाबहार तक सिर्फ मलबे के ढेर और धुएं के गुबार नजर आ रहे हैं। इस हमले में न सिर्फ ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, बल्कि उनका घर भी तबाह हो गया है। खेमेनई के आलीशान आवास की पहली सैटेलाइट तस्वीर सामने आई है, जिनमें भवन पूरी तरह से तहस-नहस दिख रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, शनिवार यानी 28 फरवरी 2026 को तेहरान स्थित खामेनेई के आवास और कंपाउंड (कार्यालय) को निशाना बनाकर हमले दागे गए थे। ट्रंप ने इसे बड़ा संयुक्त अभियान बताया, जिसका मकसद ईरानी सैन्य क्षमताओं और नेतृत्व को खत्म करना था।
सैटेलाइट तस्वीरों में क्या दिख रहा?
द वाशिंगटन पोस्ट की ओर से एक्स हैंडल पर सैटेलाइट तस्वीरें जारी की गई हैं, जिसमें हमले के पहले और बाद के सीन को दिखाया गया है। इससे ईरान पर हमलों के दर्जनों टारगेट का पता चलता है, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का तेहरान कंपाउंड भी शामिल है। तस्वीरों में खामेनेई के कंपाउंड को भारी नुकसान हुआ है। यहां कई इमारतें गिरी हुई हैं, काले धुएं का गुबार उठ रहा है और मुख्य भवन तबाह नजर आ रहा है।
दिन के उजाले में हुआ हमला
इजरायल ने 28 फरवरी 2026 को स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर हमला किया। इजरायल के अधिकारियों के मुताबिक, हमला ठीक उसी जगह पर हुआ जहां ईरान के सबसे बड़े नेता एक-साथ जुटे थे। इससे पहले इजरायल ने सभी हमले दिन के बजाय रात में किए थे। ऐसे में ईरान को भनक भी नहीं रही होगी कि इस बार हमला दिन के उजाले में हो जाएगा।
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हमले से बौखलाया ईरान
हमले से बौखलाए ईरानी नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि 86 साल के खामेनेई की हत्या तानाशाहों के खिलाफ एक बड़े विद्रोह का लॉन्चपैड होगी। वहीं, खामेनेई की मौत के बाद इस्लामिक रिपब्लिक के भविष्य पर भी खतरा मंडराने लगा है। इसके अलावा इलाके में अस्थिरता का खतरा भी बढ़ गया है।
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Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 1 March 2026 at 10:48 IST