जिसने बगदादी-सद्दाम हुसैन को पकड़ा, अमेरिकी सेना की वही यूनिट वेनेजुएला राष्ट्रपति मादुरो को टांग ले गई, इन हथियारों से मिशन को दिया अंजाम
वेनेजुएला की राजधानी काराकास को दहलाने के बाद अमेरिकी सेना उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को उठा ले गए। अमेरिका की स्पेशल डेल्टा फोर्स ने कार्रवाई को इस तरह से अंजाम दिया गया कि वेनेजुएला में किसी को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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वेनेजुएला की राजधानी काराकास को दहलाने के बाद अमेरिकी सेना उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को उठा ले गए। अमेरिका की स्पेशल डेल्टा फोर्स ने कार्रवाई को इस तरह से अंजाम दिया गया कि वेनेजुएला में किसी को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। डेल्टा फोर्स ने इन हमलों में आधुनिक फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर और मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
आपको बता दें कि डेल्टा फोर्स पहले भी अमेरिका के लिए विदेशों में विशेष अभियान चलाती रही है। अमेरिका के कई दुश्मनों को मारने या पकड़ने का काम इसी यूनिट ने किया है। तो आज आपको विस्तार से बताएंगे डेल्टा फोर्स के बारे में और इस हमले में इस्तेमाल किए आधुनिक हथियारों (F-35, अपाचे और चिनूक) के बारे में।
बगदादी और सद्दाम हुसैन को डेल्टा फोर्स ने ही पकड़ा था, जानिए इसके बारे में
आर्मी डेल्टा फोर्स 2019 में अल-बगदादी को मारने वाले मिशन के लिए भी चर्चा में रह चुकी है। आईएसआईएस का अल बगदादी लंबे समय अमेरिका के लिए चुनौती बना रहा था। ट्रंप ने डेल्टा फोर्स की तारीफ करते हुए कहा है कि मादुरो को पकड़ना शानदार ऑपरेशन है। टीम ने बहुत अच्छी प्लानिंग और बहादुरी के साथ इसे अंजाम दिया है।
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अमेरिका ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे खतरनाक और सीक्रेट मिलिट्री यूनिट के बारे में बात की जाए तो इसमें एक नाम डेल्टा फोर्स का है। अमेरिका की इस एंटी टेरर यूनिट का आधिकारिक नाम फर्स्ट स्पेशल फोर्सेज ऑपरेशनल डिटैचमेंट-डेल्टा (1st SFOD-D) है। हालांकि मिलिट्री सर्कल और आम बोलचाल में इसे डेल्टा फोर्स ही कहा जाता है।
डेल्टा फोर्स अमेरिकी सेना के जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) के तहत टियर 1 स्पेशल मिशन यूनिट है। यह यूनिट ऐसे मिशन संभालती है, जो अमूमन सुर्खियों में नहीं आते हैं। इनमें दुश्मन इलाके से बंधकों को छुड़ाना, अमेरिका की ओर से घोषित आतंकवादियों का पीछा करना और उन्हें मारने जैसे काम शामिल है। कई बार ये ऑपरेशन इतने सीक्रेट होते हैं कि अमेरिकी सांसदों तक को पता नहीं होता है।
डेल्टा फोर्स में 7 स्क्वॉड्रन
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डेल्टा फोर्स में लगभग 2,000 सैनिक होते हैं, जिनमें से 300 से 400 ऑपरेटर सीधे वॉर ऑपरेशंस में शामिल होते हैं। संगठनात्मक रूप से यह सात स्क्वॉड्रन में बंटी है– चार असॉल्ट स्क्वाड्रन, एक एविएशन स्क्वाड्रन, एक क्लैंडेस्टाइन स्क्वाड्रन और एक कॉम्बैट सपोर्ट स्क्वाड्रन। हर स्क्वाड्रन को तीन ट्रूप्स में बांटा जाता है, जिनमें से दो डायरेक्ट एक्शन मिशन करते हैं और तीसरा निगरानी व स्नाइपर ऑपरेशंस पर फोकस होता है।
मिशन में F-35, अपाचे और चिनूक का प्रयोग
वेनेजुएला में जो हमले हुए हैं, उसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। उनमें रात के अंधेरे में चिनूक, अपाचे और F-35 फाइटर जेट कम ऊंचाई पर उड़ते हुए देखें जा रहे हैं।
फाइटर जेट: F-35 लाइटनिंग II
ये जेट हमलों में सटीक बमबारी के लिए इस्तेमाल हुआ, जो स्टेल्थ की वजह से वेनेजुएला के एयर डिफेंस से बचा रहा।
- लंबाई: 51.4 फीट (15.7 मीटर)
- विंगस्पैन (पंखों की चौड़ाई): 35 फीट (10.7 मीटर)
- ऊंचाई: 14.4 फीट (4.4 मीटर)
- खाली वजन: 29,300 पाउंड (13,300 किलोग्राम)
- अधिकतम टेकऑफ वजन: 65,918 पाउंड (29,900 किलोग्राम)
- इंजन: 1 × प्रैट एंड व्हिटनी एफ135-पीडब्ल्यू-100 आफ्टरबर्निंग टर्बोफैन (28,000 पाउंड थ्रस्ट ड्राई, 43,000 पाउंड आफ्टरबर्नर के साथ)
- अधिकतम स्पीड: 1976 किलोमीटर प्रति घंटा
- कॉम्बैट रेंज: 1239 किलोमीटर इंटरनल फ्यूल पर
- अधिकतम ऊंचाई: 50000 फीट (15,000 मीटर)
- हथियार: 1 × 25 एमएम जीएयू-22/ए गन (180 राउंड), मिसाइल जैसे एआईएम-120 एएमआरएएम, बम जैसे जेडीएएम और पेववे. इंटरनल वेपन बे में 5,700 पाउंड तक लोड, एक्सटर्नल में 18,000 पाउंड।
- एवियोनिक्स: एएन/एपीजी-81 एईएसए रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले।
हेलीकॉप्टर: एएच-64 अपाचे
ये हेलीकॉप्टर सैन्य अड्डों पर करीब से हमला करने के लिए परफेक्ट हैं और रात में भी काम कर सकते हैं।
- लंबाई: 58 फीट 2 इंच (17.73 मीटर)
- रोटर डायमीटर (पंखों का व्यास): 48 फीट
- ऊंचाई: 12 फीट 8 इंच (3.87 मीटर)
- खाली वजन: 11,387 पाउंड (5,165 किलोग्राम)
- अधिकतम टेकऑफ वजन: 23,000 पाउंड (10,433 किलोग्राम)
- इंजन: 2 × जनरल इलेक्ट्रिक टी700-जीई-701 टर्बोशाफ्ट (1,690 हॉर्सपावर प्रत्येक, अपग्रेडेड 1,890 हॉर्सपावर)
- अधिकतम स्पीड: 293 किलोमीटर प्रति घंटा
- क्रूज स्पीड: 265 किलोमीटर प्रति घंटा
- रेंज: 476 किलोमीटर लॉन्गबो रडार के साथ
- सर्विस सीलिंग: 20,000 फीट
- हथियार: 1 × 30 एमएम एम230 चेन गन (1,200 राउंड), हार्डपॉइंट्स पर एजीएम-114 हेलफायर मिसाइल, हाइड्रा 70 रॉकेट्स.
- एवियोनिक्स: एएन/एपीजी-78 लॉन्गबो फायर-कंट्रोल रडार, हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले।
एजीएम-114 हेलफायर मिसाइल
ये मिसाइल टैंकों और बिल्डिंग्स को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल हुई।
- लंबाई: 64 इंच (1.6 मीटर)
- डायमीटर: 7 इंच (180 एमएम)
- वजन: 100–108 पाउंड (45–49 किलोग्राम)
- वारहेड: हाई-एक्सप्लोसिव एंटी-टैंक, टैंडेम-चार्ज एंटी-आर्मर, ब्लास्ट फ्रैगमेंटेशन
- इंजन: ठोस ईंधन रॉकेट
- रेंज: 0.5 से 11 किलोमीटर
- स्पीड: मैक 1.3 (1,601 किलोमीटर प्रति घंटा)
- गाइडेंस: सेमी-एक्टिव लेजर होमिंग, मिलीमीटर-वेव रडार
डेल्टा फोर्स के गुप्त ऑपरेशन
2019: ISIS लीडर अबू बकर अल-बगदादी को इराक में घेरकर मारा (बगदादी ने खुद को बम से उड़ा लिया)।
- 2003: इराक में सद्दाम हुसैन के बेटों को मारा।
- 1993: सोमालिया में मोगादिशु की लड़ाई (फिल्म ब्लैक हॉक डाउन इसी पर बनी)।
- 1989: पनामा में जनरल मैनुअल नोरिएगा को पकड़ा (ट्रंप ने इसी की तुलना की)।
इसके अलावा डेल्टा फोर्स ने अफगानिस्तान और सीरिया में कई आतंकवादी लीडर्स को निशाना बनाया है। अब वेनेजुएला ऑपरेशन की तुलना पनामा 1989 से की जा रही है। अमेरिका ने मादुरो पर ड्रग तस्करी के आरोप लगाए हैं और महीनों से दबाव बना रहा था।