Earthquake: अफगानिस्तान में फिर डोली धरती, 4.2 तीव्रता का आया भूकंप; जमीन से 215 किमी गहराई में था केंद्र
अफगानिस्तान में आज सुबह 10 बजकर 1 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से 215 किलोमीटर की गहराई पर था।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में बुधवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी यानी NCS के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.2 मापी गई।
भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजकर 1 मिनट 25 सेकंड पर आया। NCS के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर 215 किलोमीटर की गहराई में था। फिलहाल भूकंप से किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
सोमवार को भी आया था भूकंप
इससे पहले सोमवार को भी यहां धरती डोली थी। सुबह 5 बजकर 36 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 मापी गई। इसका केंद्र जमीन से 130 किलोमीटर की गहराई पर था।
दो महीने के भीतर कई बार हिली धरती
बीते कुछ समय से अफगानिस्तान में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। बीते दो महीनों में अफगानिस्तान में बार-बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। बीते महीने अगस्त में ही पूर्वी नंगरहार प्रांत में लोगों ने भूकंप के झटकों का सामना किया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 मापी गई। इन तेज झटकों के कारण 15 लोग जख्मी हुए थे।
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भूकंप आने पर क्या करें?
भूकंप आने पर सबसे पहले घबराना नहीं है। सरकार की आपदा टीम NDMA की तीन शब्दों की सीख को ध्यान में रखना है- झुको, ढको, पकड़ो। यानी झुको यानी नीचे बैठ जाएं या लेट जाएं। ढको यानी सिर और गर्दन को हाथों से ढक लें या फिर अगर पास में कोई मजबूत मेज हो तो उसके नीचे घुस जाएं। पकड़े यानी उस मेज को मजबूती से पकड़ लें ताकि वह हिलते-हिलते कहीं दूर न चली जाए।
इसके अलावा अगर आपके घर में खिड़की, शीशे, टीवी और भारी अलमारी है दो उससे दूरी बनाए रखें। रसोई या बाथरूम के कोने में बैठ जाएं। दरवाजे के पास खड़े होने की गलती कतई न करें। यदि आप बाहर हैं तो खुली जगह की तरफ जाएं जैसे मैदान या पार्क। इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और दीवारों से कोसो दूर रहें।
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वहीं अगर आप ड्राइव कर रहे हैं हो तो गाड़ी सड़क के किनारे रोककर अंदर ही बैठे रहें। ब्रेक लगाएं और सिर को हाथों से कवर कर लें। अगर स्कूल या ऑफिस में हैं तो टीचर या बॉस के बताए रास्ते पर चलें। इस दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल भूलकर भी न करें। सीढ़ियों से धीरे-धीरे नीचे उतरें।
भूकंप के बाद क्या करें?
भूकंप के झटके रुकने के बाद भी एक-दो मिनट अपनी जगह पर रुके रहें। इसके बाद आराम से बाहर निकलें। फिर गैस, बिजली का स्विच और पानी की पाइप बंद कर दें। इसके अलावा अगर कहीं आग लगी हो तो पहले उसे बुझाने का प्रयास करें। अपने आसपास मौजूद लोगों पर ध्यान दें कि कहीं कोई घायल तो नहीं है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को की पहले मदद करें और उन्हें बाहर निकालें। फोन का इस्तेमाल केवल बेहद जरूरी काम के लिए ही करें, क्योंकि भूकंप के बाद लाइनें अत्यधिक व्यस्त हो जाती हैं। साथ ही रेडियो या टीवी से सरकारी जानकारी प्राप्त करते रहें।