ये कैसी अंतिम विदाई? ताबूत में थी डेडबॉडी, सामने छोटे-छोटे कपड़ों में ठुमके लगा रही थी चीयर गर्ल्स; VIDEO हुआ वायरल तो भड़के लोग

Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अंतिम संस्कार पर लोग मातम की जगह पर जोरदार ठुमके लगाकर जश्न मना रहे हैं। देखिये वीडियो।

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thai funeral dance video
thai funeral dance video | Image: Video Grab

Viral Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों थाईलैंड से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को चौंका दिया है। आमतौर पर अंतिम संस्कार को गम और शोक से जोड़ा जाता है, लेकिन इस वीडियो में एक परिवार ने अपने प्रियजन की विदाई एक अलग ही अंदाज में दी जा रही है। यहां आंसुओं की जगह डांस और जश्न देखने को मिल रहा है, जिसे लेकर अब इंटरनेट पर तीखी बहस छिड़ गई है। इस वीडियो को देखकर लोग काफी शॉक में चल गए हैं और इसे शर्मनाक हरकत का करार दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर तरह- तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।

अंतिम विदाई का अनोखा तरीका

यह मामला नखोन सी थाम्मरत प्रांत के रॉन फिबुन जिले का है, जहां वाट थेप्पानोम चुआट नाम के बौद्ध मंदिर में एक 59 साल की उम्र के एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिवार ने तीन ‘कोयोटी डांसर्स’ को बुलाया, जिन्होंने मंदिर के अंदर ताबूत के सामने डांस परफॉर्म किया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए काफी अलग और चौंकाने वाला था।

मृतक की आखिरी इच्छा बनी, मंदिर में अनोखा नजारा

वीडियो के वायरल होने के बाद जब लोगों ने इस पर सवाल उठाए, तो परिवार ने इसकी वजह बताई। उनके अनुसार, मृतक व्यक्ति बेहद खुशमिजाज स्वभाव का था और उसने अपनी अंतिम इच्छा में कहा था कि उसकी विदाई पर कोई रोए नहीं। वह चाहता था कि लोग उसके जीवन को याद करते हुए जश्न मनाएं। इसी इच्छा को पूरा करने के लिए परिवार ने यह अनोखा तरीका अपनाया। 

रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले बौद्ध भिक्षुओं द्वारा मंत्रोच्चार और अंतिम प्रार्थना की गई। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी हुई, डांसर्स ने ताबूत के सामने अपनी प्रस्तुति दी। उस समय वहां हर उम्र के लोग मौजूद थे और इस पूरे कार्यक्रम को सोशल मीडिया पर लाइव भी किया गया।

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सोशल मीडिया लोग कर रहे कमेंट

इस वीडियो के सामने आने के बाद लोग दो हिस्सों में बंट गए हैं। कुछ लोग इसे मृतक की इच्छा का सम्मान बता रहे हैं और इसे जीवन का जश्न मान रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसे मंदिर की मर्यादा और सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ बता रहे हैं। खासतौर पर बच्चों के सामने इस तरह के प्रदर्शन को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई है। 

बताया जा रहा है कि उस व्यक्ति का निधन 15 अप्रैल को हुआ था। उसने अपने अंतिम संदेश में लिखा था कि मौत जीवन का एक हिस्सा है और इसे सहज रूप से स्वीकार करना चाहिए। इसी सोच के चलते परिवार ने शोक को जश्न में बदलने की कोशिश की। हालांकि, धार्मिक स्थल पर इस तरह का आयोजन आज भी चर्चा और विवाद का विषय बना हुआ है।

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Published By :
Kirti Soni
पब्लिश्ड