जापान ने मारी बाजी, सबसे पहले बना डाला 6G डिवाइस, मिली 112 GBPS की सुपर फास्ट स्पीड, जानिए कैसे हुआ ये करिश्मा
जापान ने 6G के क्षेत्र में बाजी मार ली है। 6G डिवाइस बनाने वाला जापान दुनिया का पहला देश बन गया है। हालांकि अभी यह प्रोटोटाइप डिवाइस है जिसका प्रयोग अभी सिर्फ टेस्टिंग के लिए किया जाएगा।
- टेक्नोलॉजी न्यूज
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इंटरनेट की दुनिया में इस समय भारत, चीन और अमेरिका जैसे कई देश 6G नेटवर्क पर कम कर रहे हैं। लेकिन अब जापान ने 6G के क्षेत्र में बाजी मार ली है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 6G डिवाइस बनाने वाला जापान दुनिया का पहला देश बन गया है। हालांकि अभी यह प्रोटोटाइप डिवाइस है जिसका प्रयोग अभी सिर्फ टेस्टिंग के लिए किया जाएगा।
112 GBPS की हुई सफल टेस्टिंग
बड़ी बात यह भी है कि इस प्रोटोटाइप 6जी डिवाइस से जापान के वैज्ञानिकों ने 112 GBPS की सुपर फास्ट स्पीड पर सफल टेस्टिंग कर ली है। इससे वायरलेस इंटरनेट की दुनिया का अब एक नया अध्याय खुल गया है। बता दें कि 112 GBPS की यह स्पीड 5G की स्पीड से करीब 20 गुना ज्यादा तेज है।
जापान के वैज्ञानिकों ने कैसे किया ये करिश्मा
जापान की तोकुशिमा यूनिवर्सिटी (Tokushima University) के प्रोफेसर ताकेशी यासुई (Takeshi Yasui) और उनकी टीम लंबे समय से इस पर काम कर रही थी। गौरतलब है कि अधिकतर वैज्ञानिक 6जी नेटवर्क की टेस्टिंग के लिए बहुत हाई फ्रीक्वेंसी वाले डिवाइस बनाने में लगे हुए थे। लेकिन उनको कामयाबी नहीं मिल रही थी क्यूंकि जब सिग्नल की फ्रीक्वेंसी 350 GHz के पार चले जाते थे, तो डेटा में Phase Noise आने लगता था जिससे डिवाइस काम करना बंद हो जाता था।
लेकिन प्रोफेसर ताकेशी यासुई ने 6G के लिए 560 GHz के बैंड पर 112 Gbps की सुपर फास्ट वायरलेस स्पीड पर सफल टेस्टिंग कर अपना लोहा मनवा दिया है।
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6G से क्या होगा फायदा
6G का लक्ष्य केवल एक माइक्रोसेकंड में सूचना भेजना और प्राप्त करना है। यह 5G नेटवर्क के मुकाबले 1,000 गुना तेज़ होगा। इसका मतलब है बिना किसी लैग के साथ तत्काल कनेक्शन, जो रिमोट मेडिकल सर्जरी, स्मार्ट रोबोटिक्स और रीयल-टाइम गेमिंग जैसी चीज़ों के लिए काफी उपयोगी होगा। इसलिए 6G नेटवर्क के लॉन्च होने पर इंटरनेट से पूरी दुनिया एक नए स्तर पर पहुंच जाएगी।