अपडेटेड 22 February 2026 at 12:18 IST
साइबर फ्रॉड से लड़ने के लिए Airtel ने मिलाया Zscaler के साथ हाथ, खुलेगा देश में AI एंड साइबर थ्रेट रिसर्च सेंटर
Bharti Airtel ने देश में AI & Cyber Threat Research Centre खोलने का ऐलान किया है
- टेक्नोलॉजी न्यूज
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भारत में साइबर फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए Airtel लगातार कई प्रयास कर रहा है। कंपनी ने हाल ही में फ्रॉड लिंक्स और ओटीपी स्कैम को लेकर अपनी सेवाएँ शुरू की है। अब इसके बाद Bharti Airtel ने देश में AI & Cyber Threat Research Centre खोलने का ऐलान किया है। दिल्ली के भारत मंडपम में India AI Impact Summit 2026 के दौरान एयरटेल ने अपने पवेलियन से इसका ऐलान किया। भारती एयरटेल ने इसके लिए क्लाउड सुरक्षा क्षेत्र की बड़ी अमेरिकी कंपनी Zscaler को अपने साथ जोड़ा है। इस अवसर पर रेल, सूचना प्रसारण और इलेक्ट्रानिक्स व आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव, भारती एयरटेल के अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल और Zscaler के चेयरमैन जय चौधरी भी उपस्थित रहे।
एयरटेल के अनुसार इस नई पहल का उद्देश्य भारत की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा क्षमता को मजबूत करना है। कंपनी इस पहल के जरिए देश की अर्थव्यवस्था, दूरसंचार, बैंकिंग और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों की प्रमुख डिजिटल संपत्तियों की रक्षा करेगी। इसके साथ ही यह डिजिटल यूजर्स को सुरक्षित रखने और भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल वातावण में भरोसेमंद AI के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भी समर्पित है।
गौरतलब है कि ज़ीस्केलर (Zscaler) भले ही अमेरिकी कंपनी है लेकिन कंपनी के संस्थापक भारतीय है। इसके साथ ही भारत लंबे समय से ज़ीस्केलर (Zscaler) के लिए तकनीकी इनोवेशन और साइबर शोध का प्रमुख केंद्र रहा है। कंपनी की प्रतिभाशाली शोध टीम का बड़ा हिस्सा भी भारत में ही कार्यरत है। यह नया रिसर्च सेंटर मौजूदा गतिविधियों का विस्तार होगा और सरकार के बीच सहयोग के लिए एक राष्ट्रीय मंच के रूप में काम करेगा। कंपनी के अनुसार यह केंद्र “भारत में, भारत के लिए” की सोच के साथ तैयार किया गया है, जिसका लक्ष्य राष्ट्र की साइबर रक्षा को मजबूत करना और विकसित भारत तथा एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित और डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर भविष्य का निर्माण करना है।
हर महीने लाखों घुसपैठ की कोशिशें दर्ज हुई
भारत इस समय बड़े स्तर पर डिजिटल बदलाव के दौर से गुजर रहा है जिससे साइबर हमलों का दायरा भी तेजी से बढ़ रहा है। इसी दौरान साइबर खतरे भी मशीन की गति से बदल रहे हैं। कई देशों द्वारा समर्थित और आर्थिक लाभ के उद्देश्य से काम करने वाले हमलावर अब AI का उपयोग कर मिनटों में ही सिस्टम की कमियों की पहचान कर उसका दुरुपयोग कर रहे हैं। ज़ीस्केलर (Zscaler) की रिसर्च यूनिट थ्रेटलैब्ज इंडिया (Threatlabs India) ने हर महीने लाखों घुसपैठ की कोशिशें दर्ज की हैं।
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क्या करेंगे एयरटेल और ज़ीस्केलर
ज़ीस्केलर की अंतर्राष्ट्रीय जानकारी और एयरटेल की स्थानीय संचालन क्षमता को मिलाकर भारत में शोध से प्रतिक्रिया तक की प्रक्रिया को ज्यादा मजबूत और तेज बनाएंगे। ज़ीस्केलर भारत पर केंद्रित एक विशेष थ्रेट रिसर्च टीम तैनात करेगा। यह टीम ज़ीस्केलर जीरो ट्रस्ट एक्सचेंज प्लेटफॉर्म का उपयोग करेगी, जो हर दिन 500 अरब से अधिक ट्रांजेक्शन को प्रोसेस करती है। इससे खतरे से जुड़ी जानकारी हासिल कर भारत के सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों को सुरक्षित किया जा सकेगा। एयरटेल आईओटी और मोबाइल ट्रैफिक पर अपनी गहरी पकड़ की विशेषज्ञता साझा करेगा जिससे संदिग्ध गतिविधियों की तेजी से पहचान हो सकेगी और इकोसिस्टम के हितधारकों के साथ ज्यादा प्रभावी तालमेल बन सकेगा। आगे चलकर सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की अन्य महत्वपूर्ण संस्थाओं को भी इस केंद्र से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
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Published By : Kritarth Sardana
पब्लिश्ड 22 February 2026 at 12:15 IST