Artemis II mission: नासा के Artemis II मिशन ने रचा इतिहास, चंद्रमा यात्रा की दो-तिहाई दूरी पूरी

Artemis II ने चंद्रमा की यात्रा का दो-तिहाई हिस्सा पूरा कर लिया है। फ्लाइट डे-4 पर नासा के इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के फार साइड की तस्वीरें लेने वाले हैं। यह 1972 के बाद पहला क्रूड लूनर मिशन है, जो अपोलो 13 का दूरी रिकॉर्ड तोड़ने जा रहा है।

NASA Artemis II mission Two-thirds of the way to the Moon covered
नासा के Artemis II मिशन ने रचा इतिहास | Image: X

नासा के Artemis II मिशन ने रविवार को चांद की यात्रा में दो तिहाई दूरी तय कर ली है। नासा ने एक बयान में कहा कि यह घटना मिशन के चौथे फ्लाइट डे के दौरान हुई। नासा ने इसकी जानकारी एक्स पर दी है। फ्लाइट डे 4 के दौरान स्पेसक्राफ्ट में बैठे अंतरिक्ष यात्री चांद के पास आने वाले फ्लाईबाय के दौरान चांद का अध्ययन करने की योजनाओं पर चर्चा कर रहे हैं। साथ ही वे स्पेसक्राफ्ट को मैन्युअली कंट्रोल करने का अभ्यास भी कर रहे हैं।"

मिशन पर मौजूद अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमैन ने कहा, "इसके लिए शब्द नहीं हैं।" शनिवार को शुरू हुए इस ऐतिहासिक मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री चांद के बहुत करीब तक जा रहे हैं। इनमें तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। यह 53 साल से भी ज्यादा समय बाद पहला ऐसा मिशन है जिसमें इंसान चांद की ओर जा रहे हैं।

मिशन की खास बातें

आर्टेमिस II पृथ्वी से करीब 2,52,000 मील से अधिक की दूरी तय कर एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। वर्तमान में यह रिकॉर्ड अपोलो 13 के नाम है। चंद्रमा के पीछे से यू-टर्न लेकर यह बिना चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किए वापस लौट आएगा था।

  • यह Apollo 17 (1972) के बाद पहला चालक दल मिशन है
  • अंतरिक्ष यात्री चांद के पीछे वाले हिस्से की तस्वीरें लेंगे
  • वे चांद के बहुत करीब जाएंगे, लेकिन चांद की कक्षा में नहीं घुसेंगे
  • इस यात्रा में वे 2 लाख 52 हजार मील (लगभग 4 लाख किलोमीटर) से भी ज्यादा दूरी तय करेंगे, जो Apollo 13 के रिकॉर्ड को तोड़ देगा।

इतिहास रचने वाले अंतरिक्ष यात्री

इस मिशन में 4 अंतरिक्ष यात्री स्पेसक्राफ्ट में बैठे हैं। इन अंतरिक्ष यात्रियों में तीन अमेरिकी और एक कनाडाई यात्री शामिल हैं।

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  • रीड वाइजमैन
  • विक्टर ग्लोवर (चांद जाने वाले पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री)
  • क्रिस्टीना कोच (चांद जाने वाली पहली महिला अंतरिक्ष यात्री)
  • जेरेमी हैनसेन (कनाडा के पहले अंतरिक्ष यात्री जो चांद जा रहे हैं)

कनाडाई स्पेस एजेंसी की अध्यक्ष लिसा कैंपबेल ने कहा, "आज जेरेमी कनाडा के लिए इतिहास रच रहे हैं। उनका यह साहसी कदम हमें याद दिलाता है कि जो लोग आगे बढ़ने का साहस करते हैं, वही देश का भविष्य लिखते हैं।"

मिशन का कार्यक्रम

मिशन 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन (पानी में उतरने) के साथ पूरा होगा। यह मिशन नासा के बड़े प्लान का पहला कदम है। नासा का लक्ष्य 2028 तक चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास दो अंतरिक्ष यात्रियों को उतारना और भविष्य में चांद पर स्थायी बेस बनाना है। यह यात्रा न सिर्फ वैज्ञानिक खोज के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि मानव जाति के भविष्य के लिए भी एक बड़ा कदम है।

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Published By :
Sagar Singh
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