अपडेटेड 6 March 2026 at 10:50 IST
Airtel ने किया कमाल, 71 अरब स्पैम कॉल्स ब्लॉक करने के बाद Google के साथ मिलाया हाथ, अब ऐसे फ्रॉड करने वालों को धोएगा
एयरटेल के अनुसार अपनी स्पैम प्रोटेक्शन सेवाओं की मदद से कंपनी ने अब तक 71 अरब स्पैम कॉल्स और 2.9 अरब स्पैम SMS ब्लॉक किए हैं।
- टेक्नोलॉजी न्यूज
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Google Messages ऐप सभी एंड्रॉइड स्मार्टफोन में होती है। इस ऐप से यूजर्स को परंपरागत एसएमएस की जगह Rich Communication Services मिलती हैं। इससे यूजर्स एसएमएस के साथ फोटो आदि भी भेज सकते हैं। लेकिन अब गूगल की यह सेवा और भी बेहतर होगी क्यूंकि गूगल ने इसके लिए भारती एयरटेल के साथ हाथ मिलाया है। इससे एयरटेल यूजर्स को रिच कम्युनिकेशन सर्विसेज (RCS) में अब अच्छी गुणवत्ता वाली फोटो और वीडियो का अनुभव मिलेगा।
एयरटेल-गूगल अब क्या करेंगे
एयरटेल और गूगल के साथ आने से यूजर्स को अब WhatsApp की तरह Google Messages ऐप में भी हाई-क्वालिटी फोटो और वीडियो भेजने की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही यूजर्स अब मैसेज पर अपने रिएक्शन भी दे सकेंगे। एयरटेल की नेटवर्क इंटेलिजेंस और गूगल के रिच कम्युनिकेशन सर्विसेज (RCS) प्लेटफॉर्म तथा स्पैम फिल्टरिंग को एक साथ लाने से यूजर्स अच्छी गुणवत्ता वाली फोटो और वीडियो का अनुभव कर सकते हैं।
71 अरब स्पैम कॉल्स किए ब्लॉक
पिछले डेढ़ वर्ष में एयरटेल ने भारत में अपने यूजर्स को ऐसे कई फीचर्स दिए हैं जो AI के जरिए सभी फ्रॉड और डिजिटल धोखेबाजों से सुरक्षा प्रदान करने में सहायता प्रदान करते हैं। एयरटेल के अनुसार अपनी स्पैम प्रोटेक्शन सेवाओं की मदद से कंपनी ने अब तक 71 अरब स्पैम कॉल्स और 2.9 अरब स्पैम SMS ब्लॉक किए हैं।
डिजिटल इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण सुरक्षा कमी
एयरटेल के अनुसार हालांकि डिजिटल इकोसिस्टम के भीतर एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कमी अब भी मौजूद है। जहां पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क जो मैसेजिंग सुविधा प्रदान करते हैं, वे सुरक्षा मानकों और दूरसंचार स्तर की सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत संचालित होते हैं।लेकिन कई अन्य गैर दूरसंचार संचार प्लेटफॉर्म और स्वतंत्र ऐप्स में ये सुरक्षा उपाय नहीं होते। इसी कारण इन माध्यमों का शातिर और संगठित धोखेबाजों द्वारा बढ़ते स्तर पर दुरुपयोग किया जा रहा है और ये वित्तीय धोखाधड़ी तथा अवांछित स्पैम के आम साधन बन गए हैं।
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एयरटेल और गूगल अब मिलकर लड़ेंगे
एयरटेल और गूगल के बीच यह साझेदारी उसी कमी को दूर करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि आधुनिक मैसेजिंग सेवाओं (Google Messages) में भी दूरसंचार स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की जवाबदेही का विस्तार किया जा सके। आरसीएस प्लेटफॉर्म में एयरटेल की नेटवर्क इंटेलिजेंस और गूगल की मौजूदा स्पैम सुरक्षा को जोड़कर दोनों कंपनियां एक सुरक्षित मैसेजिंग सेवा को स्थापित करने में लगी है।
कैसे करेगा ये काम
अब जो ब्रांड एंटरप्राइज संचार के लिए इस Google Messages का उपयोग करेंगे, वे अपने ग्राहकों के बीच भरोसा और मजबूत कर सकेंगे। ग्राहक वैध व्यावसायिक संदेशों और स्पैम के बीच आसानी से अंतर कर पाएंगे। इसके साथ ही उन संभावित जोखिमों से सुरक्षित रहेंगे, जो अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर इन सख्त जांचों के अभाव में उत्पन्न हो सकते हैं। यह समाधान ब्रांड को अपने ग्राहकों के साथ गहरा जुड़ाव बनाने में मदद करेगा, जिससे ग्राहक स्वयं को अधिक सुरक्षित और अधिक नियंत्रण में महसूस करेंगे। इसके परिणामस्वरूप कंपनियों के ग्राहक से अच्छे संबंध विकसित होंगे, जो व्यवसाय की वृद्धि और सफलता के लिए आवश्यक हैं।
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1. Airtel और Google की यह सेवा दूरसंचार से जुड़े व्यक्तियों की जांच का उपयोग करके मैसेज भेजने वाले की पहचान की पुष्टि करेगा।
2. स्पैम वाले व्यावसायिक संदेशों को ग्राहकों के उपकरणों तक पहुंचने से रोकना।
3. कई स्तर वाली सुरक्षा जांच के जरिए हानिकारक डोमेन की पहचान कर उन्हें फिल्टर करना।
4. जिन मैसेज भेजने वालों को गूगल और एयरटेल के एआई स्पैम फिल्टर ने संयुक्त रूप से संदिग्ध माना है, उनके संदेशों पर नियंत्रण लगाकर यूजर्स को सुरक्षा प्रदान करेगा।
Published By : Kritarth Sardana
पब्लिश्ड 6 March 2026 at 10:47 IST