ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर चल रही सट्टेबाजी का होगा The End, भारत सरकार ने 300 वेबसाइट-ऐप्स को किया बैन
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) ने सट्टेबाजी और जुए से जुड़ी 300 वेबसाइट और ऐप्स पर प्रतिबंध लगाकर लोगों को इनके जाल में फंसने से बचाने का काम किया है।
- टेक्नोलॉजी न्यूज
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ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर चल रही देश में सट्टेबाजी पर भारत सरकार ने लगातार नजर बनाई हुई है। यही कारण है मोदी सरकार ने एक बार फिर सख्ती दिखाते हुए 300 वेबसाइट और ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है।
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) ने सट्टेबाजी और जुए से जुड़ी 300 वेबसाइट और ऐप्स पर प्रतिबंध लगाकर लोगों को इनके जाल में फंसने से बचाने का काम किया है। बता दें कि इन प्लेटफ़ॉर्म पर गेमर्स के लिए ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग, वर्चुअल कैसीनो और कार्ड गेम जैसी कई प्रकार की गेम खेलाई जाती है।
कौन सी गेम्स खेलने के लिए उपलब्ध थी
रिपोर्ट के अनुसार इन प्लेटफॉर्म्स पर क्रिकेट और फुटबॉल जैसी गेम्स पर सट्टा लगाने की सुविधा मिलती थी। इसके साथ ही यहां प्लेइंग कार्ड्स वाले गेम और वर्चुअल कैसीनो लाइव डीलर टेबल के माध्यम से भी खेलने की सुविधा मिल रही थी। इसके अलावा सट्टा मटका गैम्ब्लिंग नेटवर्क और रियल मनी कार्ड जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर भी असली पैसे का इस्तेमाल किया जा रहा था।
अब तक कुल 8400 प्लेटफॉर्म पर लग चुका बैन
पिछले वर्ष 2025 में भारत सरकार ने इन ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने के लिए संसद में ‘ऑनलाइन गेमिंग बिल’ पारित करवाया था। जिसके बाद Dream 11 जैसे कई बड़े गेमिंग प्लेटफॉर्म्स बंद हो गए थे। रिपोर्ट के अनुसार तब से लेकर अब तक सरकार कुल 8400 प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा चुकी है। इसी वर्ष भी जनवरी 2026 में सरकार ने करीब 225 ऐप्स पर बैन लगाया था।
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20,000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी राज्यसभा में बता चुके हैं कि देश में 45 करोड़ लोग ऑनलाइन मनी गेम्स से नकारात्मक रूप से प्रभावित हुए और इनमें पैसे लगाकर उन्हें करीब 20,000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ।
देश की सुरक्षा को भी था खतरा
इसके अलावा सरकार ने यह भी पाया कि कुछ गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल आतंकवादी अवैध संदेश भेजने के लिए कर रहे थे, जिससे देश की सुरक्षा को खतरा पहुँच रहा था।