AI बना खरीदारी का बड़ा साथी, 10 में से 9 ग्राहक खरीदारी करने से पहले ऑनलाइन करते हैं शोध, Google के Ipsos सर्वे से सामने आया ग्राहकों का रुख
शारदीय नवरात्रि के शुरू होने के साथ भारत में त्योहारों का मौसम शुरू हो गया है। ऑनलाइन हो या ऑफलाइन सभी जगह बाजार ऑफर से भरा हुआ है। लेकिन Google ने Ipsos सर्वे करवाया है जिससे ग्राहकों का ऑनलाइन बाजार में खरीदारी के प्रति रुख पता चलता है।
- टेक्नोलॉजी न्यूज
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शारदीय नवरात्रि के शुरू होने के साथ भारत में त्योहारों का मौसम शुरू हो गया है। ऑनलाइन हो या ऑफलाइन सभी जगह बाजार ऑफर से भरा हुआ है। लेकिन Google ने Ipsos सर्वे करवाया है जिससे ग्राहकों का ऑनलाइन बाजार में खरीदारी के प्रति रुख पता चलता है।
क्या है इस सर्वे में
गूगल के इस अध्ययन के अनुसार 10 में से 9 ग्राहक खरीदारी करने से पहले व्यापक ऑनलाइन शोध करते हैं। ग्राहक नए ब्रांड्स को लेकर गूगल पर सर्च कर उसके बारे में जानकारी लेते हैं। उत्पादों की कीमतों को लेकर तुलना करने के साथ ग्राहक उनके रिव्यू भी सर्च करते हैं। लेकिन इसके बावजूद 70% लोग अचानक से मन बनने, कोई बढ़िया वीडियो या फोटो दिखने या त्योहार की जल्दबाज़ी में तुरंत खरीदारी कर बैठते हैं।
इस दोहरी गति वाले शॉपिंग व्यवहार पर टिप्पणी करते हुए Google इंडिया की कनेक्टेड कंज्यूमर कॉमर्स की प्रबंध निदेशक रोमा दत्ता चोबे ने कहा “भारत के फेस्टिव सीज़न में जो बात सबसे अलग दिखती है, वह यह है कि सोच-समझकर किया गया शोध और अनायास होने वाला आवेग कैसे एक साथ मौजूद रहते हैं। खरीदार विकल्पों का मूल्यांकन करने के लिए AI का भी प्रयोग करते हैं। लेकिन फिर भी वीडियो और तेज़ डिलीवरी से प्रेरित होने पर वे कुछ ही घंटों में खरीदारी पूरी करने के लिए भी तैयार रहते हैं।”
AI बना खरीदारी का महत्वपूर्ण साथी
अब AI फेस्टिव शॉपिंग का एक अनिवार्य साथी बनता जा रहा है। उपभोक्ता औसतन 7.5 बार Google Gemini चैटबॉट्स से सलाह लेते हैं, विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण, होम डेकोर और पर्सनल केयर जैसी श्रेणियों का मूल्यांकन करते समय।
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51% फेस्टिव खरीदार विकल्प चुनने में मदद के लिए AI को श्रेय देते हैं। खरीदार पर्सनल केयर और ब्यूटी में सटीक व अनुकूलित जवाबों के लिए AI का सहारा लेते हैं, जबकि होम अप्लायंसेज और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में जटिल स्पेसिफिकेशन्स को समझने और तुलना करने के लिए इसका उपयोग करते हैं। ऐसी जानकारी से लैस होकर, जिसके बारे में उन्होंने पहले कभी नहीं सोचा था, खरीदार आत्मविश्वास के साथ चुनाव करते हैं।
यह बदलाव फेस्टिव सीज़न के बाद भी दिखता है, जहाँ 87% उपयोगकर्ता सर्च में AI ओवरव्यूज़ और AI Mode का उपयोग करके अधिक आत्मविश्वास से निर्णय लेने की बात कहते हैं।
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फेस्टिव शॉपिंग में झट से होती है खरीदारी
- त्योहार की जल्दबाज़ी और ऑफर्स से बनता है तुरंत मूड: योजनाबद्ध शोध के साथ-साथ, फेस्टिव शॉपिंग में एक तेज़ और अनायास गति भी होती है, जहाँ तुरंत पसंद आना ही खरीदारी का कारण बनता है। Google और YouTube सीधे तौर पर इन 54% अनियोजित खरीदारियों को प्रभावित करते हैं, जो मुख्य रूप से फेस्टिव तात्कालिकता, आकर्षक ऑफर्स और उसी क्षण किसी पसंदीदा उत्पाद को खोजने के आकर्षण से प्रेरित होती हैं।
- विज़ुअल प्रेरणा और क्रिएटर्स विचारों को तुरंत खरीदारी में बदलते हैं: जैसे-जैसे त्यौहार नज़दीक आते हैं, स्टाइलिंग से जुड़े सर्च बढ़ जाते हैं और जो चीज़ खरीदारों का ध्यान खींचती है, वे उस पर तुरंत अमल करते हैं। 53% लोग उत्पादों की खोज या तुलना करने के लिए Google लेंस (Google Lens) जैसे विज़ुअल टूल्स का उपयोग करते हैं, जबकि क्रिएटर्स और शॉर्ट-फॉर्म वीडियो निर्णय को अंतिम रूप देते हैं। 73% फेस्टिव खरीदार प्रेरणा के लिए क्रिएटर्स का रुख करते हैं, और बिना पूर्व शोध के दो दिन या उससे कम समय में खरीदारी करने वाले 61% लोगों ने अपनी यात्रा में YouTube शॉर्ट्स का उपयोग किया।
- डिलीवरी की गति एक महत्वपूर्ण निर्णय पैमाना बनी: डिलीवरी का समय अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। अब 90% खरीदार दो दिन से कम समय में डिलीवरी को अनिवार्य मानते हैं और 81% गति के आधार पर रिटेलर्स चुनते हैं। इस तात्कालिकता की मांग इस सीज़न के प्रमुख त्यौहारों में पहले ही देखी जा चुकी है। Google ट्रेंड्स ने इस साल रक्षाबंधन से एक दिन पहले "सेम डे डिलीवरी राखी" (same day delivery rakhi) के सर्च में भारी उछाल दर्ज किया।
Google और YouTube खरीदारों के हर कदम को जोड़ते हैं
सुनियोजित शोध से लेकर अचानक आवेगपूर्ण खरीदारी तक त्योहारों के दोनों पहलों पर Google और YouTube भारतीय खरीदारों के हर कदम को जोड़ते हैं, जिससे शुरुआती खोज और अंतिम पुष्टि दोनों को बढ़ावा मिलता है।