मैच से पहले वियाग्रा क्यों खाएंगे इंग्लैंड के खिलाड़ी? वर्ल्ड कप के बीच चौंकाने वाला ऐलान, क्या कहता है FIFA का नियम?
FIFA वर्ल्ड कप 2026 के राउंड-ऑफ-16 में इंग्लैंड और मैक्सिको के बीच होने वाला मैच चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि इंग्लैंड के खिलाड़ियों को इस मैच से पहले वियाग्रा लेने की परमिशन दे दी गई है।
- खेल समाचार
- 2 min read

FIFA वर्ल्ड कप 2026 के राउंड-ऑफ-16 में इंग्लैंड और मैक्सिको के बीच होने वाला मैच चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि इंग्लैंड के खिलाड़ियों को इस मैच से पहले वियाग्रा लेने की परमिशन दे दी गई है।
वियाग्रा यानी Sildenafil का इस्तेमाल आमतौर पर Erectile Dysfunction के इलाज के लिए किया जाता है। हालांकि, इंग्लैंड के खिलाड़ियों को वियाग्रा देने के फैसले के पीछे दूसरी मेडिकल वजह बताई जा रही है।
क्या है इस फैसले का कारण?
असल में, इंग्लैंड के मैनेजर थॉमस टुखेल की टीम आज 4 जुलाई को जिस स्टेडियम में मैच खेलने के लिए उतरेगी, वो समुद्र तल से करीब 7,350 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस स्टेडियम का नाम एस्टाडियो एज्टेका है।
इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन का लेवल कम होने की वजह से खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। थकान, सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं से निपटने के लिए खिलाड़ियों को वियाग्रा लेने की परमिशन दी गई है।
Advertisement
वियाग्रा लेने से खिलाड़ियों में क्या बदलाव आएंगे?
बताया जा रहा है कि Erectile Dysfunction के लिए ली जाने वाली ये दवाई शरीर की रक्त वाहिकाओं को फैलाने का काम करती है, जिससे ब्लेड फ्लो बेहतर होता है। ऐसे में खिलाड़ियों को ऊंचाई वाले इलाकों में सांस लेने में कम दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
आपको बता दें कि World Anti-Doping Agency यानी WADA ने वियाग्रा को प्रतिबंधित दवाओं की लिस्ट में शामिल नहीं किया है। ऐसे में इस दवाई का इस्तेमाल पूरी तरह से वैध है।
Advertisement
मैक्सिको जीत का सबसे बड़ा दावेदार
इतिहास के पन्नों को पलटाकर देखें तो यह स्टेडियम हमेशा से मैक्सिको का गढ़ रहा है। इस बार वर्ल्ड कप में भी उसका रिकॉर्ड शानदार रहा है। टीम ने अपने सारे मैच जीते हैं।
इस स्टेडियम पर मैक्सिको के रिकॉर्ड की बात करें तो टीम ने यहां खेले गए 89 मैचों में से सिर्फ दो मैच हारे हैं। आखिरी बार मैक्सिको की टीम 2013 में हारी थी।