Paris Olympics में लक्ष्य सेन ने रचा इतिहास, ऐसा करने वाले बने पहले भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी
22 साल के युवा भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने पेरिस ओलंपिक में इतिहास रचा है। उन्होंने सेमीफाइनल में पहुंचकर बड़ी कीर्तिमान अपने नाम किया है।
- खेल समाचार
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Paris Olympics 2024: भारत के लिए 2024 पेरिस ओलंपिक का सातवां दिन बेहद शानदार रहा। दो युवा खिलाड़ियों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और मेडल की दावेदारी मजबूत की। एक तरफ जहां मनु भाकर ने शूटिंग में कमाल किया तो वहीं दूसरी ओर लक्ष्य सेन ने बैडमिंटन में धमाल किया।
2024 पेरिस ओलंपिक में शुक्रवार को 22 साल की युवा भारतीय निशानेबाज मनु भाकर महिलाओं के 25 मीटर पिस्ट इवेंट के फाइनल में पहुंचीं। वहीं लक्ष्य सेन ने बैडमिंटन मेंस सिंगल्स के सेमीफाइनल में एंट्री की है। मनु भाकर की तरह लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) ने भी पेरिस ओलंपिक (Paris Olympics) में इतिहास रचा है। 22 साल के लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) ओलंपिक में मेंस सिंगल्स इवेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी बने हैं।
लक्ष्य और चीनी ताइपे के खिलाड़ी के बीच बेहद कांटे का मुकाबला हुआ, लेकिन लक्ष्य का लचीलापन और धैर्य आज गेम चेंजर साबित हुआ। लक्ष्य के सामने दुनिया के पूर्व नंबर 2 खिलाड़ी चीनी ताइपे के चाउ टीएन-चेन की कड़ी चुनौती थी। 75 मिनट तक चले इस क्वार्टर फाइनल मुकाबले में चीनी ताइपे के चाउ टीएन-चेन को 19-21, 21-15, 21-12 से हराया और सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां वो 4 अगस्त को लोह कीन यू या विक्टर एक्सेलसेन से भिड़ेंगे।
बता दें कि लक्ष्य से पहले सिर्फ एक भारतीय पीवी सिंधू ही ओलंपिक में सिंगल्स इवेंट के सेमीफाइनल में पहुंचीं हैं। सिंधू 2016 रियो ओलंपिक के वुमेंस सिंगल्स के सेमीफाइनल में पहुंचीं थी, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था और उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। लक्ष्य के पास बैडमिंटन में गोल्ड मेडल जीतने का सुनहरा मौका है। अगर वो सेमीफाइनल में जीत जाते हैं तो वो भारत के लिए मेडल पक्का कर लेंगे। ये या तो गोल्ड होगा या सिल्वर, लेकिन अगर वो हार जाते हैं तो उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मैच में खेलने का मौका मिलेगा और वो हारकर भी मेडल जीत सकते हैं।