स्वप्निल कुसाले के मेडल पर निशाना लगाते ही खुशी से झूमा परिवार, महाराष्ट्र के गांव में मना जश्न

स्वप्निल कुसाले के गांव और स्कूल में आज हर किसी को सुबह से उनके मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। सभी को उम्मीद थी कि स्वप्निल मेडल जीतेंगे।

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Paris Olympics 2024: पेरिस ओलंपिक 2024 में महाराष्ट्र के स्वप्निल कुसाले ने इतिहास रच दिया है। ओलंपिक में स्वप्निल ने भारत की झोली में तीसरा कांस्य पदक लाकर डाल दिया है। पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता।

ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी भारतीय शूटर ने ओलंपिक की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में पदक जीता हो। स्वप्निल के इस कारनामे के बाद देशभर में जश्न का माहौल है। हर कोई उन्हें ढेर सारी बधाईयां दे रहा हैं।

जश्न में डूबा स्वप्निल का गांव

महाराष्ट्र के रहने वाले स्वप्निल कुसाले के गांव कोल्हापुर में भी जश्न का माहौल है। कोल्हापुर में स्थित कम्बलवाड़ी गांव में स्वप्निल कुसाले के मेडल जीतने पर घर पर भी सबने खुशियां मनाई। जिस वक्त स्वप्निल का मुकाबला हो रहा था उनका परिवार समेत स्वप्निल के दोस्त एक साथ बैठकर इसे देख रहा था।

स्वप्निल कुसाले के गांव और स्कूल में आज हर किसी को सुबह से उनके मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। हर किसी को उम्मीद थी कि स्वप्निल मेडल जीतेंगे और वह उनकी उम्मीदों पर खड़े भी उतरे। स्वप्निल के स्कूल में तो बच्चों को पेरिस ओलंपिक लाइव दिखाया गया। जैसे ही स्वप्निल के मेडल जीतते ही सभी एक साथ खुशी से झूम उठे।

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CM एकनाथ शिंदे ने दी बधाई

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंद ने स्वप्निल के मेडल जीतने पर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा, "ये हमारे महाराष्ट्र और देश के लिए गर्व की बात हैं। सरकार स्वप्निल के साथ है। भविष्य में उन्हें जो मदद चाहिए होगी, सरकार देंगी।"

गौरतलब है कि भारत के ओलंपिक इतिहास में पहली बार निशानेबाजों ने तीन पदक एक ही खेलों में जीते हैं। इससे पहले मनु भाकर ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और सरबजोत सिंह के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम वर्ग में कांस्य जीता था।

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क्वालीफिकेशन में सातवें नंबर पर रहे स्वप्निल ने आठ निशानेबाजों के फाइनल में 451.4 स्कोर करके तीसरा स्थान हासिल किया। चीन के लियू युकुन (463.6) ने गोल्ड और यूक्रेन के सेरही कुलिश (461.3) ने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया।

मां सरपंच और पिता हैं शिक्षक

6 अगस्त 1995 में स्वप्निल का जन्म एक किसान परिवार में हुआ है। उनके पिता और भाई जिला स्कूल में शिक्षक हैं और मां सरपंच हैं। कुसाले 2015 से मध्य रेलवे में काम करते हैं। 

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Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड