Sakib Hussain: कभी जूता खरीदने के पैसे नहीं थे... कौन है बिहार का लाल साकिब हुसैन? जिसने IPL 2026 के डेब्यू मैच में ही 4 विकेट झटक मचा दी सनसनी
Who is Sakib Hussain: बिहार की माटी से एक और हीरा निकलकर IPL के मंच पर चमका है। गोपालगंज के 21 वर्षीय तेज गेंदबाज साकिब हुसैन ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में 4 विकेट लेकर सनसनी फैला दी।
- खेल समाचार
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Who is Sakib Hussain: बिहार को हमेशा से टैलेंट का खदान कहा जाता रहा है, लेकिन भरपूर टैलेंट होने के बावजूद भी यहां के खिलाड़ियों को IPL जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर खेलने का मौका नहीं मिल पा रहा था, और जिन्हें मिल रहा था, उन्हें दूसरे राज्यों में जाकर अपना नामांकन कराना पड़ता था।
हालांकि पिछले कुछ सालों में ये तस्वीर अब बदल गई है और बिहार से ऐसी प्रतिभाएं निकल रही हैं, जो देश ही नही दुनिया को भी चौंका रही हैं। ऐसा ही नाम पिछले साल सुर्खियों में आया, जब 14 साल के वैभव सूर्यवंशी को राजस्थान रॉयल्स को 1.10 करोड़ में बतौर बैट्समैन खरीदा था।
लेकिन 13 अप्रैल 2026, सोमवार को बैटिंग में नहीं.. बॉलिंग में एक नया सितारा चमका, जिसने अपने डेब्यू में ही 4 विकेट लेकर राजस्थान के खिलाड़ियों में सनसनी फैला दी। साथ ही लोगों को सोशल मीडिया पर ये सर्च करने को मजबूर कर दिया कि कौन है Sakib Hussain? आइए जानते हैं 21 वर्षीय गेंदबाज के बारे में…
'गोपालगंज एक्सप्रेस' का राजस्थान पर कहर
बता दें, सोमवार को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और राजस्थान रॉयल्स के बीच हुए मुकाबले में दो नए सितारों का उदय हुआ। जहां प्रफुल्ल हिंगे ने पहले ही ओवर में 3 विकेट लेकर रिकॉर्ड बनाया, वहीं बिहार के साकिब हुसैन ने अपनी रफ्तार और सटीक गेंदबाजी से राजस्थान के मध्यक्रम की कमर तोड़ दी।
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साकिब ने अपने कोटे के 4 ओवरों में मात्र 24 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही वे IPL डेब्यू पर 4 विकेट लेने वाले चुनिंदा भारतीय गेंदबाजों की क्लब में शामिल हो गए हैं। उनकी गेंदबाजी की सबसे बड़ी खूबी उनकी 140+ kmph की रफ्तार और सटीक यॉर्कर है।
तंगी में बीता साकिब का बचपन
साकिब का जन्म 14 दिसंबर 2004 को बिहार के गोपालगंज जिले में एक बेहद गरीब परिवार में हुआ था। उनके पिता एक राजमिस्त्री थे, जो दिन भर पसीना बहाने के बाद मात्र 200-300 रुपये कमा पाते थे। साकिब का सपना कभी डॉक्टर या इंजीनियर बनने का नहीं था क्योंकि घर की माली हालत इसकी इजाजत नहीं देती थी। वे सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहते थे, लेकिन उनकी गेंदबाजी की रफ्तार ने उन्हें क्रिकेट की ओर मोड़ दिया।
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मां ने गहने बेचकर खरीदे जूते
साकिब के पास क्रिकेट सीखने का जुनून तो था, लेकिन संसाधन नहीं थे। ऐसे में एक समय ऐसा भी था जब उनके पास गेंदबाजी करने के लिए अच्छे जूते तक नहीं थे। साकिब अक्सर कहते थे, "अगर जूते खरीद लिए तो खाएंगे क्या?" जब उनका चयन बिहार की रणजी टीम में हुआ, तब भी वे फटे जूतों में अभ्यास कर रहे थे। बेटे की यह बेबसी मां से देखी नहीं गई और उन्होंने अपने गहने बेचकर साकिब के लिए स्पाइक्स (क्रिकेट जूते) खरीदे। आज साकिब की हर सफलता उन गहनों और मां के बलिदान का कर्ज उतार रही है।
टेनिस बॉल से तय किया IPL का सफर
साकिब ने अपने शुरुआती दिनों में 500-700 रुपये की खातिर गांव के मेलों और स्थानीय टूर्नामेंटों में टेनिस बॉल से क्रिकेट खेला ताकि वे अपने पिता की आर्थिक मदद कर सकें। उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें गोपालगंज की एक एकेडमी में जगह मिली। साल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 20 लाख में खरीदा था, लेकिन उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला। IPL 2026 की नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद ने उन पर 30 लाख रुपये का दांव लगाया और साकिब ने अपने पहले ही मैच में इस भरोसे को सही साबित कर दिया।
बिहार का मान बढ़ा रहे हैं साकिब
वैभव सूर्यवंशी के बाद साकिब हुसैन दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने IPL 2026 में बिहार का नाम रोशन किया है। अपनी रफ्तार के कारण 'गोपालगंज एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर साकिब अब भारतीय टीम का दरवाजा खटखटाने को तैयार हैं। उनके इस प्रदर्शन ने करोड़ों बिहारी युवाओं को यह उम्मीद दी है कि अगर इरादे फौलादी हों, तो गरीबी कभी भी कामयाबी के रास्ते का पत्थर नहीं बन सकती।