Success Story: पिता ने लिया कर्ज तो मां ने बेचें गहने, अब बेटा IPL में 14.20 करोड़ में बिका, कार्तिक शर्मा के स्टार बनने की कहानी
Kartik Sharma: आईपीएल 2026 की नीलामी में 14.20 करोड़ में बिकने वाले कार्तिक शर्मा के संघर्ष की कहानी कई क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणादायक हो सकती है।
- खेल समाचार
- 3 min read

Kartik Sharma: 16 दिसम्बर, मंगलवार को हुई आईपीएल 2026 की नीलामी कई खियालड़ियों और फैंस के लिए शानदार दिन रहा। नीलामी में कई टीमों ने खिलाड़ियों पर जमकर पैसे की बारिश की। कोलकता नाइट राइडर्स के अलावा चेन्नई सुपर किंग ने भी दिल खोलकर खिलाड़ियों के ऊपर पैसे की बारिश की।
चेन्नई सुपर किंग ने आईपीएल नीलामी के दौरान एक ऐसे खिलाड़ी को खरीदा जिसकी चर्चा हर तरफ हैं। जी हां, CSK ने कार्तिक शर्मा को 14.20 करोड़ में खरीदा, जिसके बाद हर तरफ कार्तिक शर्मा की चर्चा होने लगी। कार्तिक शर्मा एक भारतीय अनकैप्ड खिलाड़ी हैं। कार्तिक के लिए यहां तक पहुंचना इतना आसान नहीं था। आइए इस आर्टिकल में कार्तिक शर्मा के संघर्ष की कहानी जानते हैं।
कौन हैं कार्तिक शर्मा?
सबसे पहले यह जान लेते हैं कि आखिर यह कार्तिक शर्मा कौन हैं। कार्तिक राजस्थान के रहने वाले हैं, जो राजस्थान के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं। वह एक विकेटकीपर के साथ-साथ तबतोड़ बल्लेबाजी के लिए भी जाने जाते हैं। कार्तिक राजस्थान की ओर से रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंट खेल चुके हैं। चेन्नई सुपर किंग ने आईपीएल 2026 की नीलामी में 14,20 करोड़ में खरीदा है।
बेटे के लिए पिता ने कर्ज लिया
कार्तिक शर्मा और उनके परिवार के संघर्ष की कहानी क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी प्रेरणादायक से काम नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कार्तिक के सपने को पूरा करने के लिए उनके पिता ने कर्ज तक ले लिया था। कई लोगों का यह भी कहना है कि बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए पिता ने अपनी दुकान तक बेच दी। घर चलाने के लिए कई ऐसे काम भी किए जो किसी बड़े संघर्ष से कम नहीं।
Advertisement
मां ने गहने बेच दिए
कार्तिक शर्मा अच्छे से ट्रेनिंग ले सकें, इसके लिए मां ने अपने गहने तक बेच दिए। जी हां, खबरों के अनुसार कार्तिक के जीवन में एक ऐसा भी समय आया था, जब उनके लिए उनकी मां ने अपने गहने तक बेच दिए, ताकि कार्तिक हाई लेवल अकादमी में अच्छे से ट्रेनिंग ले सकें।
कार्तिक ने ट्यूशन पढ़ाकर जुटाए खर्चे
एक तरफ जहां पिता ने कर्ज लिया और दुकान बेच दिया, तो दूसरी तरफ कार्तिक भी क्रिकेट किट और अभ्यास का खर्च निकालने के लिए बच्चों को ट्यूशन पढ़ता था। इन सभी संघर्षों के बाद भी कार्तिक ने क्रिकेट खेलना कभी भी नहीं छोड़ा, जिसके चलते आज पुरी दुनिया देख रही है।