IPL 2026: रोहित शर्मा वो रिकॉर्ड, जिसे चाहकर भी नहीं तोड़ सकते, वैभव सूर्यवंशी-यशस्वी जायसवाल और ईशान किशन
Rohit Sharma's IPL Record: आईपीएल के इतिहास में एक ऑलराउंडर की भूमिका में बल्ले से शतक जड़ना और गेंद से हैट्रिक लेना, दोनों ही अपने आप में दुर्लभ कारनामे हैं।
- खेल समाचार
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Rohit Sharma's IPL Records: IPL के मैदान पर एक बल्लेबाज के लिए शतक लगाना किसी सपने जैसा होता है, वहीं एक गेंदबाज के लिए हैट्रिक लेना उसके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि IPL के 19 साल के इतिहास में केवल तीन ही ऐसे "सुपरमैन" खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने ये दोनों काम कर दिखाए हैं? इस लिस्ट में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा का नाम सबसे ऊपर चमकता है।
'हिटमैन' रोहित शर्मा का अनसुना कारनामा
यह एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे आज के दौर के युवा सितारे जैसे यशस्वी जायसवाल, ईशान किशन या उभरते हुए वैभव सूर्यवंशी चाहकर भी शायद ही तोड़ पाएं, क्योंकि वे मुख्य रूप से केवल अपनी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। रोहित शर्मा को आज दुनिया एक खतरनाक सलामी बल्लेबाज के तौर पर भले ही जानती है, लेकिन उनके करियर की शुरुआत में उनकी ऑफ स्पिन गेंदबाजी काफी असरदार थी।
मुंबई इंडियंस के खिलाफ ली थी हैट्रिक
ये बात है साल 2009 की, जब रोहित डेक्कन चार्जर्स का हिस्सा थे, तब उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ हैट्रिक लेकर सबको हैरान कर दिया था। इसके बाद बल्ले से अपनी धाक जमाते हुए उन्होंने IPLमें दो शानदार शतक भी जड़े। पहला शतक 2012 में कोलकाता के खिलाफ आया और दूसरा 2024 में चेन्नई के खिलाफ। रोहित इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने उस टीम के खिलाफ हैट्रिक ली, जिसके वे बाद में पांच बार चैंपियन कप्तान बने।
शेन वॉटसन और सुनील नरेन के नाम भी लिस्ट में
इस खास क्लब में दूसरा बड़ा नाम ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉटसन का है। वॉटसन ने साल 2014 में राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ हैट्रिक ली थी। इसके अलावा उनके नाम IPL में 4 बड़े शतक भी दर्ज हैं। वहीं, कोलकाता नाइट राइडर्स के जादुई स्पिनर सुनील नरेन ने भी इस लिस्ट में अपनी जगह पक्की की है। नरेन ने साल 2013 में पंजाब के खिलाफ हैट्रिक ली थी और लंबे समय तक अपनी बल्लेबाजी को निखारने के बाद साल 2024 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपना पहला शतक जड़कर इस क्लब में एंट्री मारी।
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युवाओं के लिए क्यों है मुश्किल?
मौजूदा समय में क्रिकेट की दुनिया में विशेषज्ञता (Specialization) का दौर है। यशस्वी जायसवाल, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी विश्व स्तरीय बल्लेबाज तो हैं, लेकिन वे नियमित तौर पर गेंदबाजी नहीं करते। रोहित शर्मा ने यह रिकॉर्ड तब बनाया था जब वे एक उभरते हुए ऑलराउंडर थे।
वहीं, आज के 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम के कारण भी शुद्ध बल्लेबाजों को गेंदबाजी करने का मौका बहुत कम मिलता है। यही वजह है कि रोहित, वॉटसन और नरेन का यह "डबल धमाका" रिकॉर्ड आने वाले कई सालों तक शायद ही कोई तोड़ पाए।