गुजरात टाइटंस के खिलाफ 13 खिलाड़ियों के साथ कैसे खेल गई मुंबई इंडियंस? कुछ नहीं कर सके अंपायर, जानें नियम
MI vs GT: गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुकाबले में मुंबई इंडियंस 13 खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरी। आखिर ये कैसे हुआ? आइए जानते हैं।
- खेल समाचार
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Mumbai Indians vs Gujarat Titans: आईपीएल 2025 के 56वें मैच में मुंबई इंडियंस का सामना गुजरात टाइटंस से हुआ। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में जीटी ने आखिरी गेंद पर जीत हासिल की और प्लेऑफ की तरफ मजबूती से एक कदम बढ़ा दिया। शुभमन गिल की टीम अब RCB को पीछे छोड़कर पॉइंट्स टेबल के शिखर पर पहुंच गई है।
वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 155 रन बनाए। दूसरी पारी में बारिश ने खेल पर खलल डाला और गुजरात टाइटंस को 19 ओवरों में 147 रनों का लक्ष्य मिला जिसे उन्होंने आखिरी गेंद पर हासिल किया। ये तो हो गई मैच के नतीजे की बात, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुकाबले में मुंबई इंडियंस 13 खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरी। आखिर ये कैसे हुआ, अंपायर ने क्यों नहीं रोका और नियम क्या है? आइए विस्तार से बात करते हैं।
13 खिलाड़ियों के साथ खेली मुंबई इंडियंस
गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच में मुंबई इंडियंस 13 खिलाड़ियों के साथ खेली। बल्लेबाजी के दौरान टीम ने रोहित शर्मा को उतारा और फिर 20वें ओवर में करण शर्मा को इम्पैक्ट खिलाड़ी के रूप में इस्तेमाल किया। जब बारी फील्डिंग की आई तो तेज गेंदबाज अश्वनी कुमार को बॉलिंग करते देख सब हैरान हो गए। फैंस के मन में ये सवाल उठने लगा कि आखिर मुंबई इंडियंस ने 13 खिलाड़ियों का इस्तेमाल कैसे कर लिया।
कॉर्बिन बॉश के सिर पर लगी चोट
दरअसल, जब मुंबई इंडियंस की टीम बैटिंग कर रही थी तब साउथ अफ्रीकी ऑलराउंडर कॉर्बिन बॉश चोटिल हो गए थे। एक गेंद उनके हेलमेट पर लगी थी। हालांकि, उन्होंने इसके बावजूद बल्लेबाजी जारी रखी थी और आखिरी ओवर में दो लगातार छक्के जड़कर अपनी टीम को 155 रनों के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा दिया। जब मुंबई की टीम गेंदबाजी करने उतरी तो अश्वनी कुमार को बतौर कन्कशन सब्स्टीट्यूट इस्तेमाल किया गया और उन्होंने 4 ओवर में 28 रन देकर 2 विकेट भी चटकाए। वहीं, कॉर्बिन बॉश ने 22 गेंदों पर 27 रनों की अहम पारी खेली।
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क्या कहता है नियम?
सिर पर चोट लगने की स्थिति में नामित विकल्पों में से समान विकल्प चुना जा सकता है। यदि विकेटकीपर को चोट लगती है, तो उपलब्ध टीम में से विकल्प चुना जा सकता है। यदि कोई विदेशी खिलाड़ी चोटिल हो जाता है और टीम पहले ही अपने चार विदेशी स्लॉट का उपयोग कर चुकी है, तो विकल्प के रूप में किसी भारतीय खिलाड़ी को ही चुना जाना चाहिए।
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