नहीं मान रहे हार्दिक पांड्या, फिर दोहराई गलती तो BCCI ने ठोका लाखों का जुर्माना, क्या हो जाएंगे बैन?
गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच के बाद मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या पर बीसीसीआई ने तगड़ा जुर्माना लगा दिया।
- खेल समाचार
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Hardik Pandya Fined: हर साल की तरह इस साल भी आईपीएल की शुरुआत में मुंबई इंडियंस की गाड़ी पटरी से उतरी हुई है। 5 बार की चैंपियन टीम ने इस सीजन अभी तक दो मैच खेले हैं और दोनों में हार मिली है। शनिवार को आईपीएल 2025 के 9वें मैच में गुजरात टाइटंस ने मुंबई इंडियंस को 36 रनों से हरा दिया। इधर हार्दिक हार का गम झेल ही रहे थे कि बीसीसीआई ने उनके इस गम को और बढ़ा दिया।
गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच के बाद मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या पर बीसीसीआई ने तगड़ा जुर्माना लगा दिया। हैरान करने वाली बात ये है कि उन्हें एक बार फिर उसी गलती के लिए सजा मिली है, जिसके लिए आईपीएल 2025 के पहले मैच से वो बैन हुए थे।
हार्दिक पांड्या पर 12 लाख का जुर्माना
गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच में मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों ने फिर कछुए की रफ्तार से गेंदबाजी की, जिसकी कीमत कप्तान हार्दिक पांड्या को भुगतनी पड़ी है। आईपीएल 2025 में पहली बार स्लो ओवर रेट अपराध के लिए हार्दिक पर 12 लाख का जुर्माना ठोका गया है।
आईपीएल की तरफ से जारी किए गए बयान में बताया गया कि, चूंकि यह आईपीएल की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के तहत उनकी टीम का इस सत्र का पहला अपराध था, जो न्यूनतम ओवर गति अपराधों से संबंधित है, इसलिए मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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क्या फिर बैन हो जाएंगे हार्दिक पांड्या?
बता दें कि पिछले सीजन भी मुंबई इंडियंस ने लगातार यही गलती की थी जिसकी वजह से आईपीएल 2024 में स्लो ओवर रेट के कारण हार्दिक पांड्या को एक मैच के लिए बैन किया गया था। हार्दिक इस सीजन के पहले मुकाबले में नहीं खेले थे। अब सवाल ये उठता है कि एक बार फिर वही गलती दोहराने के बाद क्या फिर से हार्दिक पर बैन होने का खतरा मंडराने लगा है? जवाब है नहीं।
आईपीएल 2025 में बना नया नियम
आईपीएल 2025 में बनाए गए नए नियम के अनुसार स्लो ओवर रेट के कारण अब किसी टीम का कप्तान बैन नहीं होगा। इस सीजन अगर गेंदबाजी में देर होती है तो डिमेरिट अंक जोड़ दिए जाएंगे। अपडेट किए गए नियमों के अनुसार, कप्तानों को धीमी ओवर-रेट के लिए मौद्रिक दंड का सामना करना पड़ेगा और डिमेरिट अंक जमा होंगे, जिसमें उनकी मैच फीस का 25% जुर्माना होगा। ये अंक 36 महीनों तक सक्रिय रहते हैं, और बार-बार उल्लंघन करने पर कठोर दंड दिया जा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई टीम चार डिमेरिट अंक तक पहुँच जाती है, तो उस पर 100% जुर्माना लगाया जा सकता है।