अपडेटेड 10 February 2026 at 08:16 IST

पाकिस्तान को बेइज्जती की आदत! 10 दिन तक करता रहा ड्रामा और अब भारत के साथ मैच खेलने को हुआ राजी, ऐसे निकल गई शहबाज-नकवी की हेकड़ी

T20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-पाकिस्तान के हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर मंडराया संकट अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है। 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले इस रोमांचक मैच के बहिष्कार की धमकी देने वाले पाकिस्तान ने आखिरकार यू-टर्न ले लिया।

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पाकिस्तान को बेइज्जती की आदत! 10 दिन तक करता रहा ड्रामा और अब भारत के साथ मैच खेलने को हुआ राजी, ऐसे निकाल गई शहबाज-नकवी की हेकड़ी | Image: X

T20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-पाकिस्तान के हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर मंडराया संकट अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है। 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले इस रोमांचक मैच के बहिष्कार की धमकी देने वाले पाकिस्तान ने आखिरकार यू-टर्न ले लिया। आईसीसी ने चालाकी से उसी रणनीति का इस्तेमाल किया, जिसका पाकिस्तान करीब 10 दिनों से ड्रामा चला रहा था। आइए, इस पूरे विवाद की पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं।

विवाद की जड़ बांग्लादेश से जुड़ी है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने भारत में आयोजित टी20 वर्ल्ड कप में भाग लेने से इनकार कर दिया था। इस मुद्दे पर बीसीसीआई और बीसीबी के बीच तनाव बढ़ा, तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने बीच में कूदकर इसे अनावश्यक रूप से तूल दे दिया। लेकिन जब पाकिस्तान की चाल काम न आई और आईसीसी ने बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया, तो पीसीबी ने नया पैंतरा अपनाया।

1 फरवरी को पाकिस्तान सरकार ने घोषणा कर दी कि वह वर्ल्ड कप के अन्य मैच तो खेलेगा, लेकिन बांग्लादेश के 'सम्मान' में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करेगा। आईसीसी ने पीसीबी को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की सलाह दी, लेकिन पाकिस्तान अड़ा रहा। पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी ने इसे बांग्लादेश के प्रति एकजुटता का प्रतीक बताया, हालांकि यह स्पष्ट था कि असल मकसद भारत को अंतरराष्ट्रीय पटल पर नीचा दिखाना था। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस पूरे विवाद में बीसीसीआई ने कोई प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं किया।

आईसीसी का मास्टरस्ट्रोक: उसी का दांव चला

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आईसीसी ने पाकिस्तान के ड्रामे को भांप लिया। उसने सीधे टकराव से बचते हुए कूटनीतिक दबाव बनाया और वही कार्ड खेला जिसका पाकिस्तान ढिंढोरा पीट रहा था। यानी उन देशों को आगे किया जिनका जिक्र पीसीबी कर रहा था। आईसीसी ने बांग्लादेश, श्रीलंका और यूएई को एकजुट कर पाकिस्तान को घेर लिया। इन तीनों मोर्चों से आए दबाव ने पीसीबी को घुटनों पर ला दिया।

श्रीलंका का दबाव: आर्थिक नुकसान का डर

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टी20 वर्ल्ड कप की सह-मेजबानी श्रीलंका कर रहा है और भारत-पाक मैच कोलंबो में निर्धारित है। अगर यह मैच रद्द होता, तो श्रीलंका को करोड़ों का आर्थिक नुकसान होता। आईसीसी ने इसी का फायदा उठाया। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर बात की और मैच बहिष्कार पर पुनर्विचार की अपील की। उन्होंने दोनों देशों के ऐतिहासिक क्रिकेट संबंधों और विपरीत परिस्थितियों में एक-दूसरे के समर्थन की याद दिलाई। श्रीलंका के इस कदम ने पाकिस्तान को पहला झटका दिया।

यूएई की लताड़: पुराने एहसानों की याद

दूसरा बड़ा दबाव संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से आया। एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने पीसीबी को औपचारिक पत्र लिखा। पत्र में याद दिलाया गया कि कैसे पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों से अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैच यूएई में खेले और क्रिकेट में जिंदा रहा। ईसीबी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत-पाक मैच का बहिष्कार केवल दो देशों का मामला नहीं, बल्कि पूरे क्रिकेट पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करेगा, खासकर एसोसिएट राष्ट्रों की आर्थिक स्थिति को। इसने पाकिस्तान को नैतिक रूप से कमजोर कर दिया।

बांग्लादेश का झटका: सबसे बड़ा नैतिक प्रहार

सबसे निर्णायक मोर्चा बांग्लादेश का था, जिसके नाम पर पाकिस्तान ड्रामा कर रहा था। बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम खुद लाहौर पहुंचे और मोहसिन नकवी से आमने-सामने मिले। बांग्लादेश ने सार्वजनिक रूप से अपील की कि पाकिस्तान 'क्रिकेट के व्यापक हित' में भारत के खिलाफ मैच खेले। यह पाकिस्तान के लिए सबसे करारा नैतिक प्रहार साबित हुआ, क्योंकि वही बांग्लादेश अब उसके खिलाफ खड़ा हो गया था।

आईसीसी की बैक-चैनल कूटनीति और अंतिम फैसला

इन तीनों दबावों के बीच आईसीसी ने बैक-चैनल बातचीत को जारी रखा। उसने स्पष्ट कर दिया कि बांग्लादेश पर कोई सजा नहीं लगेगी। उसे भविष्य के आईसीसी टूर्नामेंटों की मेजबानी मिलेगी और राजस्व हिस्सेदारी भी सुरक्षित रहेगी। इससे पाकिस्तान का 'सॉलिडैरिटी कार्ड' पूरी तरह फेल हो गया। आखिरकार, पीसीबी ने यू-टर्न ले लिया और मैच खेलने की सहमति दे दी।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 10 February 2026 at 08:16 IST