रोहित शर्मा पर लगा टीम तोड़ने का दाग! कप्तानी छीन जाने के पीछे की ये कहानी जान पूरा क्रिकेट जगत हैरान
Rohit Sharma: जिस रोहित शर्मा के बारे में एक साल पहले तक ये कहा जा रहा था कि वो ड्रेसिंग रूम का माहौल बहुत अच्छा रखते हैं, युवा खिलाड़ियों से बातचीत करते हैं, उसी रोहित पर अब दाग लगाया जा रहा है। एक रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि चयनकर्ता नहीं चाहते थे कि रोहित शर्मा ड्रेसिंग रूम में अपनी मर्जी चलाए। इस खुलासे से हर कोई हैरान है।
- खेल समाचार
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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया में बड़ा बदलाव किया गया है। आठ महीने के अंदर भारत को दो ICC ट्रॉफी दिलाने वाले कप्तान रोहित शर्मा से ODI की कप्तानी छीन ली गई है। चयनकर्ताओं ने ये जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंपने का फैसला किया है। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि तीनों फॉर्मेट में अलग-अलग कप्तान रखना असंभव था। अब एक और रिपोर्ट सामने आई है, जिसके बारे में जानकर फैंस को झटका लग सकता है।
जिस रोहित शर्मा के बारे में एक साल पहले तक ये कहा जा रहा था कि वो ड्रेसिंग रूम का माहौल बहुत अच्छा रखते हैं, युवा खिलाड़ियों से बातचीत करते हैं, उसी रोहित पर अब दाग लगाया जा रहा है। एक रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि चयनकर्ता नहीं चाहते थे कि रोहित शर्मा ड्रेसिंग रूम में अपनी मर्जी चलाए। इस खुलासे से हर कोई हैरान है।
रोहित शर्मा टीम इंडिया के लिए खतरा?
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चयनकर्ता नहीं चाहते थे कि रोहित चीजों को अपने तरीके से तय करें, क्योंकि उन्हें डर था कि इससे टीम संस्कृति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। बीसीसीआई के एक सूत्र ने TOI से अंदर की कहानी बताई। जिसके मुताबिक, रोहित जैसे कद के खिलाड़ी को नेतृत्वकारी भूमिका में रखने का मतलब होता कि ड्रेसिंग रूम में उन्हें अपने सिद्धांतों को लागू करने का मौका मिलता। लेकिन उनके केवल वनडे में खेलने से, जो कि सबसे कम खेला जाने वाला प्रारूप है, टीम संस्कृति में खलल पड़ सकता था।
रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि गौतम गंभीर ने हेड कोच के रूप में अपने पहले छह महीनों में पीछे की सीट ले ली थी। न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार के बाद उन्होंने टीम के मामलों में हस्तक्षेप करना शुरू किया था। सूत्र ने बताया कि यह गंभीर और अगरकर का सामूहिक प्रयास रहा है। वे समझते हैं कि रोहित और कोहली, दोनों के लिए दो साल बाद अपने चरम पर पहुंचना मुश्किल होगा, क्योंकि करीब 40 साल के हो जाएंगे। वे नहीं चाहते थे कि अगर रोहित या कोहली का फॉर्म अचानक गिर जाए तो वे हैरान रह जाएँ। इससे नेतृत्व समूह में उथल-पुथल मच जाती।
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सूत्र ने आगे कहा कि इंग्लैंड दौरे के लिए चयन से कुछ दिन पहले दोनों ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी, जो इसका एक उदाहरण है। बुमराह के बिना भी टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी और इंग्लैंड में दो टेस्ट मैच जीते थे।
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