शतक जड़ तड़पता रह गया ये खिलाड़ी... धोनी के कारण हुआ करियर बर्बाद? माही पर पहली बार लगा इतना बड़ा आरोप, दुनिया हैरान
मनोज तिवारी ने जब इंटरनेशनल करियर की शुरुआत की थी तो ऐसा लगा था कि वो लंबे समय तक टीम इंडिया में टिके रहेंगे, लेकिन महज 12 वनडे और 3 T20I खेलने के बाद उनके करियर का अंत हो गया। बंगाल के क्रिकेटर ने इसके बाद डोमेस्टिक क्रिकेट में ढेर सारे रन बनाए, लेकिन टीम इंडिया का दरवाजा उनके लिए फिर कभी नहीं खुला।
- खेल समाचार
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Cricketer Manoj Tiwari On MS Dhoni: एमएस धोनी उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं, जिनसे प्यार करने वाले तो लाखों हैं, लेकिन नफरत करने वाले बहुत कम। माही के बारे में अक्सर आपने ये तो सुना होगा कि कप्तानी के दौरान उन्होंने प्लेयर्स का भरपूर समर्थन किया है, लेकिन शायद ही ये सुना हो कि धोनी ने किसी खिलाड़ी का साथ नहीं दिया। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने महेंद्र सिंह धोनी पर ऐसा आरोप लगाया है, जिसे सुनकर दुनिया हैरान है।
मनोज तिवारी ने जब इंटरनेशनल करियर की शुरुआत की थी तो ऐसा लगा था कि वो लंबे समय तक टीम इंडिया में टिके रहेंगे, लेकिन महज 12 वनडे और 3 T20I खेलने के बाद उनके करियर का अंत हो गया। बंगाल के क्रिकेटर ने इसके बाद डोमेस्टिक क्रिकेट में ढेर सारे रन बनाए, लेकिन टीम इंडिया का दरवाजा उनके लिए फिर कभी नहीं खुला।
मनोज तिवारी ने धोनी पर लगाया बड़ा आरोप
मनोज तिवारी ने क्रिक ट्रैकर को दिए इंटरव्यू में बड़ा खुलासा किया। बंगाल के पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि एमएस धोनी की अगुवाई में उन्हें टीम मैनेजमेंट से सपोर्ट नहीं मिली और उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। तिवारी ने 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे में मैच जिताऊ शतक को याद करते हुए कहा कि इस पारी के बाद उन्हें और ज्यादा समर्थन की उम्मीद थी।
जब मनोज तिवारी से पूछा गया कि एमएस धोनी हमेशा से युवा खिलाड़ियों को सपोर्ट करने के लिए जाने जाते हैं, क्या आप भी इस बात से सहमति रखते हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए पूर्व क्रिकेटर ने कहा, ''नहीं, मुझे ऐसा नहीं लगता। देखिए, प्रतिष्ठा, धारणा ऐसी चीज है जिससे लोग प्रभावित होते हैं। लेकिन मैं और टीम में कुछ और लोग भी उनके कार्यकाल के दौर से गुजरे हैं। इसलिए कई खिलाड़ी ऐसे हैं जिनके पास उनके अपने खिलाड़ियों के समर्थन के तरीके के बारे में एक अलग दृष्टिकोण है।
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मनोज तिवारी ने आगे कहा, 'जो मेरे साथ हुआ, मैं बस उसके बारे में बात करूंगा। अगर उन्होंने सचमुच अपने खिलाड़ियों का समर्थन किया होता, तो वो मेरा सपोर्ट भी करते। मैंने उस मैच में शतक जड़ा था, लेकिन उसके बाद मुझे बाहर कर दिया गया, जबकि मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा था।
हालांकि, पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने ये स्पष्ट किया कि वो धोनी की नेतृत्व क्षमता का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि उनका व्यक्तिगत अनुभव उन कई अन्य लोगों जैसा नहीं है जिन्हें पूर्व भारतीय कप्तान से लंबे समय तक समर्थन मिला। उन्होंनेमनोज तिवारी ने उस दौर में क्रिकेट चयन में पक्षपात की ओर भी इशारा किया।
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मनोज तिवारी का छलका दर्द
मनोज तिवारी ने आगे समझाते हुए कहा कि मेरे मामले में ऐसा नहीं हुआ। मैं दूसरों के बारे में कुछ नहीं कह सकता। हर कोई एमएस को पसंद करता है और जाहिर है, उन्होंने समय के साथ अपनी कप्तानी से साबित कर दिया है, जैसा कि मैं हमेशा कहता हूं, कि उनके नेतृत्व गुण बहुत अच्छे थे। हालांकि, मुझे नहीं पता कि मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ। इसका जवाब सिर्फ वही दे सकते हैं।
भारत के लिए 12 ODI खेल चुके पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि कुछ ऐसे लोग थे जिन्हें वह सचमुच पसंद करते थे और उस समय उन्होंने उनका पूरा समर्थन किया था। बहुत से लोग जानते हैं, लेकिन हर कोई आगे आकर इसके बारे में बात नहीं करता। इसलिए क्रिकेट में हर जगह एक बहुत ही गहरी पसंद और नापसंद होती है। मुझे लगता है कि मैं उनके नापसंद वाली लिस्ट में था।