जो करना है कर लो...इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट से पहले पिच क्यूरेटर से भिड़े गौतम गंभीर, बवाल के बाद अब सामने आई असली वजह; VIDEO
इंग्लैंड के साथ आखिरी टेस्ट मैच के लिए टीम इंडिया ओवल पहुंच गई है। टीम ने यहां ग्राउंड पर प्रैक्टिस भी शुरू कर दिया है। इसी बीच मंगलवार को भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की ओवल के पिच क्यूरेटर से तीखी बहस हो गई।
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Gautam Gambhir: इंग्लैंड के साथ आखिरी टेस्ट मैच के लिए टीम इंडिया ओवल पहुंच गई है। टीम ने यहां ग्राउंड पर प्रैक्टिस भी शुरू कर दिया है। इसी बीच मंगलवार को भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की ओवल के पिच क्यूरेटर से तीखी बहस हो गई। इसका वीडियो भी सामने आया है। बता दें कि, भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला 31 जुलाई से द ओवल में खेला जाएगा। टीम इंडिया इस मैच में जीत के साथ सीरीज का समापन 2-2 की बराबरी के साथ करना चाहेगी। फिलहाल, मेहमान टीम मौजूदा सीरीज में 1-2 से आगे चल रही है।
अब वो बात सामने आ गई है कि आखिर गौतम गंभीर और पिच क्यूरेटर ली फोर्टिस के बीच विवाद क्यों हुआ। भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने बताया कि टीम इंडिया के सहयोगी स्टाफ आइसबॉक्स निकाल रहे थे तो क्यूरेटर ने आपत्ति जताई थी। इसी बात पर गंभीर आपा खो बैठे और ग्राउंड्समैन से बहस करने लगे।
मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कोटक ने बताया कि हर कोई जानता है कि ओवल का क्यूरेटर कोई आसान व्यक्ति नहीं है जिससे निपटा जा सके। भारत कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं करेगा। जब हम पिच देख रहे थे, तो उन्होंने हमें 2.5 मीटर दूर खड़े होने के लिए कहा। हम जॉगर्स पहने हुए थे। यह बहुत अजीब था। रबर स्पाइक्स के साथ विकेट देखना गलत नहीं है। हम देखते हैं कि मैदान को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
बहस में गौतम गंभीर ने क्या कहा
गंभीर को फोर्टिस से यह कहते हुए सुना गया, ''आप यहां सिर्फ एक ग्राउंड्समैन हो।'' इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी जारी रही। गंभीर ने आगे कहा, ''जो चाहो रिपोर्ट करो- आप सिर्फ एक ग्राउंड्समैन हो।'' गंभीर ने बहस के दौरान कुछ अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया।
क्यूरेटर फोर्टिस ने क्या कहा
इसके बाद भारतीय मीडिया ने क्यूरेटर से इस लड़ाई के बारे में उनका पक्ष जानना चाहा, लेकिन उन्होंने कुछ भी नहीं कहा। उनसे जब पूछा गया कि क्या आप गौतम गंभीर से खुश हैं? तो उन्होंने कहा, "ये मेरा काम नहीं है कि मैं गंभीर से खुश रहूं या नहीं।" फिर सवाल पूछा गया कि क्या गंभीर आपसे थोड़ा टची (गुस्से में लड़ने की मुद्रा में पास आना) हो रहे थे। क्या वो आपको अच्छे दोस्त हैं? इस पर उन्होंने कहा, "नहीं, मैं उनसे पहले कभी मिला भी नहीं। शायद कभी उनके खिलाफ खेला हूं।" गंभीर आपसे गुस्सा क्यों रहे थे? क्यूरेटर ने कहा, "मुझे नहीं पता।" फिर उनसे सवाल किया गया कि आपका पक्ष क्या है? क्यूरेटर ने कहा, “मेरा कोई पक्ष नहीं है।”
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मेहमान टीम से पंगा लेना फोर्टिस की पुरानी आदत
देखा जाए तो ली की मेहमान टीम से पंगे लेने और उन्हें परेशान करने के साथ-साथ तंज कसने की पुरानी आदत है। भारतीय महिला टीम जब इस मैदान पर खेलने आई थी तो भी उनसे क्यूरेटर ने खराब व्यवहार किया। वह मेहमान टीमों से आक्रामक व्यवहार करते हैं। हालांकि, गंभीर ने उनको बर्दाश्त नहीं किया और जमकर सुनाई जिसे देख वह हैरान भी रह गए।
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