पूर्व क्रिकेटर मिथुन मन्हास बने BCCI के नए अध्यक्ष, राजीव शुक्ला बने उपाध्यक्ष; जानिए कब से संभालेंगे कार्यभार

मुंबई में वार्षिक आम बैठक (AGM) के खत्म होते ही मिथुन मन्हास को आधिकारिक तौर पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के नए अध्यक्ष के रूप में चुन लिया गया है।

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मिथुन मन्हास
मिथुन मन्हास | Image: X

मुंबई में वार्षिक आम बैठक (AGM) के खत्म होते ही मिथुन मन्हास को आधिकारिक तौर पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के नए अध्यक्ष के रूप में चुन लिया गया है। आपको बता दें कि मिथुन मन्हास ने रोजर बिन्नी को रिप्लेस किया है। इसके अलावा राजीव शुक्ला को उपाध्यक्ष चुना गया है।

बीसीसीआई एजीएम में देवजीत सैकिया को सचिव चुना गया, जबकि प्रभतेज सिंह भाटिया संयुक्त सचिव का पदभार संभालेंगे। वित्तीय प्रबंधन का नेतृत्व कोषाध्यक्ष ए. रघुराम भट करेंगे, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि बोर्ड के संसाधनों का कुशलतापूर्वक और पारदर्शी प्रबंधन किया जाए।

जम्मू और कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य रह चुके हैं मिथुन मन्हास

इससे पहले पूर्व क्रिकेटर मिथुन मन्हास जम्मू और कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य रह चुके हैं। उन्हें भी पिछले दोनों अध्यक्षों की तरह निर्विरोध चुना गया है। आपको बता दें कि 28 सितंबर, यानी आज से ही मिथुन मन्हास ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर और 1983 विश्व कप विजेता खिलाड़ी रोजर बिन्नी का स्थान लेते हुए BCCI के 41वें अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला है, जिससे भारतीय क्रिकेट प्रशासन में एक नया अध्याय जुड़ गया है। बिन्नी को 70 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद इस पद से हटना पड़ा, क्योंकि BCCI का संविधान किसी भी पदाधिकारी को 70 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद पद पर बने रहने की अनुमति नहीं देता है।

BCCI अध्यक्ष के रूप में अपनी नियुक्ति के साथ, मिथुन मन्हास इस प्रतिष्ठित पद को संभालने वाले पहले अनकैप्ड भारतीय क्रिकेटर और जम्मू-कश्मीर के पहले व्यक्ति बन गए, जिसने भारतीय क्रिकेट प्रशासन में एक ऐतिहासिक मिसाल कायम की।

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मिथुन मन्हास का करियर

मन्हास ने 1997-98 सीजन में फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से अपने करियर की शुरुआत की थी। एक दाएं हाथ के बल्लेबाज के रूप में उन्होंने जरूरत पड़ने पर कभी-कभी आर्म-स्पिन गेंदबाजी भी की। अपने पूरे करियर में उन्होंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 27 शतकों और 49 अर्धशतकों के साथ 9,714 रन बनाए। लिस्ट-ए क्रिकेट में उन्होंने 130 मैच खेले और 91 टी20 मैचों में हिस्सा लिया। अपने प्रभावशाली घरेलू रिकॉर्ड के बावजूद मन्हास कभी भारत की सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेले। 

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Published By:
 Kunal Verma
पब्लिश्ड