Preamanand Maharaj: अगर पुरुष दूसरी स्त्री के साथ संबंध बनाता है तो क्या करना चाहिए? प्रेमानंद महाराज ने दिया जवाब
Preamanand Maharaj: जो पुरुष दूसरी स्त्री के साथ सहवास करते हैं उसकी क्या दशा होती है? आइए जानते हैं प्रेमानंद महाराज ने क्या कहा?
- धर्म और अध्यात्म
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Preamanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज अपने आध्यात्मिक प्रवचनों की वजह से आज जगत भर में विख्यात हो गए हैं लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रेमानंद महाराज के पास पहुंचते हैं और प्रेमानंद महाराज बहुत ही सरल ढंग से उनकी समस्याओं का समाधान आध्यात्मिक तरीके से बताते हैं।
एकांतिक वार्ता के दौरान एक भक्त ने प्रेमानंद महाराज से प्रश्न पूछा कि जो पुरुष दूसरी स्त्री के साथ सहवास करता है, उसकी क्या दशा होती है? आईए जानते हैं इस पर प्रेमानंद महाराज ने क्या कहा?
कर्म बहुत बलवान है, दंड देकर ही नष्ट होता है- प्रेमानंद महाराज
प्रेमानंद महाराज ने कहा जो पुरुष दूसरी स्त्री के साथ सहवास करता है उसे नर्क में लोहे से तपी हुई स्त्री का आलिंगन करवाया जाता है। वहां आप मर भी नहीं सकते हैं और सालों तक उसी में चिपकाए रखा जाता है। यह कर्म बहुत बलवान है, यह नष्ट नहीं होता है। यह दंड देकर ही नष्ट होता है। इसलिए कम बहुत सावधानी पूर्वक करने चाहिए।
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कर्म बगैर भुगते नष्ट नहीं होता- प्रेमानंद महाराज
प्रेमानंद महाराज यह बात बार-बार कहते हैं कि कर्म बगैर भुगते नष्ट नहीं होता है। महाराज जी अपने प्रवचनों में नाम जप का विशेष महत्व बताते हैं। प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि नाम जप पुराने संचित कर्मों को नष्ट करने में सहायक होता है और प्रारब्ध को सहने में मदद करता है। नाम जप से ही कलयुग में व्यक्ति का उद्धार हो सकता है। आप अपने इष्ट का नाम निरंतर जप किया करें।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।