Govardhan Maharaj Aarti: श्री गोवर्धन महाराज आरती और मंत्र, करें श्री कृष्ण को खुश
Govardhan Puja 2024: गोवर्धन महाराज की आरती और मंत्र इस लेख में दिए जा रहे हैं। जानते हैं उनके बोल और लाइनों के बारे में...
- धर्म और अध्यात्म
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Govardhan Puja 2024: बता दें ज्यादातर घरों में गोवर्धन की पूजा शाम के वक्त की जाती है। इस पूजा में न केवल गोवर्धन पर्वत गोबर से बनाया जाता है बल्कि गोवर्धन महाराज की आरती और मंत्रों का जाप भी किया जाता है। यदि आप भी गोवर्धन पर उनकी आरती और मंत्रों का जाप करना चाहते हैं तो यहां दिए गए मंत्र आपके काम आ सकते हैं।
आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से गोवर्धन महाराज की आरती और मंत्रों के बारे में बताएंगे। पढ़ते हैं आगे…
गोवर्धन मंत्र
गोवर्धन मंत्र की शक्ति जानें! ये मंत्र कैसे लाएगा आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि? जानें अब!
गोवर्धन पूजा मंत्र
“गोवर्धन धराधार गोकुल त्राणकारक। विष्णुबाहु कृतोच्छ्राय गवां कोटिप्रभो भव।।”
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श्री कृष्ण का शक्तिशाली मंत्र
“श्री कृष्णाय वयं नुम: सच्चिदानंदरूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे। तापत्रयविनाशाय श्रीकृष्णाय वयं नुम:।। ॐ देविकानन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात”
श्री गोवर्धन महाराज आरती (Shri Govardhan Maharaj)
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
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श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तोपे* पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े,
तोपे चढ़े दूध की धार ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
ठोड़ी पे हीरा लाल ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
तेरी झांकी बनी विशाल ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तेरी सात कोस की परिकम्मा,
चकलेश्वर है विश्राम ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण ।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।