Sharad Purnima 2025 Moon Time: आज शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की पूजा कब करें? जानें आपके शहर में कितने बजे निकलेगा चांद
Sharad Purnima 2025 Moon Time: आज शरद पूर्णमा के दिन चंद्रमा की पूजा विधिवत रूप से करने का विधान है। अब ऐसे में आपके शहर में चांद कब निकलेगा? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
- 2 min read

Sharad Purnima 2025 Moon Time: सनातन धर्म में शरद पूर्णिमा को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। शरद पूर्णिमा की रात इतनी खास होती है कि आपकी जो भी मनोकामना है, वह जरूर पूरी होती है। शरद पूर्णिमा को सभी पूर्णिमा में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात्रि को आसमान से अमृत की वर्षा होती है। आपको बता दें ये सौाभाग्यशाली दिन आज 06 अक्टूबर का दिन है।
शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी के साथ-साथ चंद्रमा की पूजा करने का विधान है। इसी पूर्णिमा के दिन भगवान श्रीकृष्ण श्रीराधा और गोपियों के साथ महारास करते हैं। इसलिए इस दिन को रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन सभी भक्त रात में खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखते हैं और फिर सुबह मां लक्ष्मी को भोग लगाते हैं और फिर प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।
इस दिन को कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी सभी भक्तों के घर में जाती हैं और अपनी कृपा बरसाती हैं।
अब ऐसे में आज किस समय आपके शहर में चंद्रोदय होगा? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
Advertisement
आपके शहर में कब होगा चंद्रोदय? यहां जरूर देखें
- नई दिल्ली - शाम 5:27 बजे
- नोएडा - शाम 5:26 बजे
- लखनऊ - शाम 5:31 बजे
- मुंबई - शाम 5:49 बजे
- नासिक - शाम 5:43 बजे
- हैदराबाद - शाम 5:36 बजे
- कोलकाता - शाम 5:24 बजे
- अहमदाबाद - शाम 5:44 बजे
- वाराणसी - शाम 5:04 बजे
- चंडीगढ़ - शाम 5:27 बजे
- बेंगलुरु - शाम 5:42 बजे
- चेन्नई - शाम 5:39 बजे
आज शरद पूर्णिमा के दिन जरूर करें इन मंत्रों का जाप
- ऊं श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्मांक दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
- ऊं श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ ।।
- ऊं सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो, धन धान्यः सुतान्वितः।
- मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः ऊं ।।
- ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥
- ऊं ह्रीं क्ष्रौं श्रीं लक्ष्मी नृसिंहाय नमः ।
- ऊं क्लीन क्ष्रौं श्रीं लक्ष्मी देव्यै नमः ।।
- ऊं ह्री श्रीं क्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं महालक्ष्मी मम गृहे धनं पूरय पूरय चिंतायै दूरय दूरय स्वाहा ।
- ऊं श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं सौं ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सकल ह्रीं सौं ऐं क्लीं ह्रीं श्री ऊं।