हनुमान जी और शनिदेव की क्यों हुई लड़ाई? आज भी इनके जख्मों पर चढ़ाते हैं सरसों का तेल
Did Shani and Hanuman fight? क्या शनि और हनुमान की लड़ाई हुई थी? शनिदेव हनुमान जी से क्यों डरते हैं? जानते हैं इसके बारे में...
- धर्म और अध्यात्म
- 2 min read

Shani dev aur hanuman ji ka yudh: अक्सर आपने अपने अपने बड़े बुजूर्गों से यह कहते सुना होगा कि अगर हनुमान जी की पूजा की जाए तो शनि देव परेशान नहीं करते या उनका प्रकोप दूर हो सकता है। वहीं शनिदेव पर तेल चढ़ाने से वह क्यों प्रसन्न होते हैं, इसके पीछे भी एक कथा है। बता दें कि इन दोनों बातों का अपने आप में संबंध है, जिसके पीछे एक कथा भी छिपी है ऐसे में इस कथा के बारे में पता होना जरूरी है।
आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि हनुमान जी और शनि देव से जुड़ी क्या कथा है और शनिदेव पर सरसों का तेल क्यों चढ़ाया जाता है। पढ़ते हैं आगे…
हनुमान और शनि देव की लड़ाई क्यों हुई थी? (Shani and Hanuman Fight in Hindi)
ये बात तो हम सब बखूबी जानते हैं कि हनुमान जी राम भगवान के भक्त हैं। ऐसे में एक बता दें कि एक बार हनुमान जी श्री राम के किसी कार्य में व्यस्त थे। तब शनि देव को हनुमान जी के साथ मस्ती करने की सूझी। शनि देव हनुमान जी के कार्य में विध्न डालने लगे और उन्हें परेशान करने लगे।
इस बात से हनुमान जी को बेहद क्रोध आया और उन्होंने अपनी पूछ से शनि देव को जकड़ लिया। शनिदेव के जकड़ने के बाद वह अपने काम में लग गए। शनि देव ने कई बार उन्हें छोड़ने के लिए कहा। लेकिन हनुमान जी अपने काम में इतना व्यस्त थे कि उन्हें कुछ भी याद नहीं रहा। इसी काम के बीच में शनि देव को बहुत चोट भी लगी। ऐसे में जब काम खत्म हुआ तब हनुमान जी को शनि देव का ख्याल आया तो उन्होंने उन्हें छोड़ दिया।
Advertisement
ऐसे में शनिदेव को अपनी गलती का एहसास हुआ और उनका अहंकार भी टूट गया। उन्होंने हनुमान जी से क्षमा मांगी। चूंकि शनि देव को काफी चोट लग गई थी। ऐसे में उन्होंने उन चोटों पर लगाने के लिए सरसों का तेल मांगा। साथ ही कहा कि जो मुझे सरसों का तेल चढ़ाएगा उसे मेरा आशीर्वाद मिलेगा। और जो हनुमान जी की पूजा करेगा मैं उसे परेशान नहीं करूंगा।
Advertisement
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।