Sawan 2026 Date: 30 या 31 जुलाई... कब से शुरू होगा सावन का महीना? नोट करें सभी सोमवारों की तिथियां
Sawan 2026 Significance: भगवान शिव की कृपा पाने के लिए आप सावन के महीने में व्रत रख सकते हैं। ध्यान रहें व्रत के दौरान कि आपको सभी नियमों का पालन सही तरीके से करना बेहद जरूरी है।
- धर्म और अध्यात्म
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Sawan 2026 Lord Shiva Upay: हिंदू पंचांग के अनुसार सावन साल का पांचवां महीना होता है और शिव भक्तों के लिए यह किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है। यह पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि सावन के दौरान भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और सृष्टि के संचालन का पूरा जिम्मा स्वयं भगवान शिव के हाथों में होता है। यही वजह है कि इस दौरान सच्चे मन से की गई पूजा और व्रत का विशेष फल मिलता है।
सावन का समुद्र मंथन से कनेक्शन
सावन के महीने को इतना पवित्र क्यों माना जाता है, इसके पीछे एक बहुत ही रोचक पौराणिक कथा है। कहा जाता है कि इसी महीने में देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था। इस मंथन के दौरान सबसे पहले 'हलाहल' नाम का भयंकर विष निकला, जिससे पूरी सृष्टि नष्ट हो सकती थी। तब भगवान शिव ने संसार को बचाने के लिए उस विष को पी लिया और उसे अपने कंठ में ही रोक लिया। विष की गर्मी शांत करने के लिए ही शिव जी पर जल चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई, जो आज भी सावन के महीने में खासतौर पर निभाई जाती है।
सोमवार और मंगलवार का विशेष महत्व
सावन में सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और शिव मंदिरों में जाकर जलाभिषेक करते हैं। बहुत से लोग सावन के पहले सोमवार से ही प्रसिद्ध 'सोलह सोमवार' का व्रत भी शुरू करते हैं।
सावन के सभी मंगलवार माता पार्वती को समर्पित होते हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं और कुंवारी कन्याएं 'मंगला गौरी व्रत' रखती हैं। इसके अलावा सावन में शिवरात्रि और हरियाली अमावस्या जैसे खास त्योहार भी मनाए जाते हैं।
सावन 2026 की जरूरी तिथियां और सोमवार की लिस्ट
भारत में दो तरह के चंद्र कैलेंडर माने जाते हैं, जिनमें करीब 15 दिन का अंतर होता है। इस वजह से उत्तर भारत और दक्षिण भारत में सावन शुरू होने की तिथियां अलग-अलग होती हैं।
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उत्तर भारत
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, पंजाब, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों में सावन 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 (श्रावण पूर्णिमा) तक रहेगा।
- पहला सावन सोमवार - 3 अगस्त 2026
- दूसरा सावन सोमवार- 10 अगस्त 2026
- तीसरा सावन सोमवार 17 अगस्त 2026
- चौथा सावन सोमवार 24 अगस्त 2025
दक्षिण और पश्चिम भारत
गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों में सावन की शुरुआत 13 अगस्त 2026*से होगी।
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- पहला सावन सोमवार 17 अगस्त 2026
- दूसरा सावन सोमवार- 24 अगस्त 2026
- तीसरा सावन सोमवार 31 अगस्त 2026
- चौथा सावन सोमवार - 7 सितंबर 2026
सावन में कैसे करें भगवान शिव की पूजा?
शिव जी बहुत भोले हैं और वे सच्ची श्रद्धा से चढ़ाए गए एक लोटा जल से भी प्रसन्न हो जाते हैं। आप घर या मंदिर में इस आसान विधि से पूजा कर सकते हैं।
- सबसे पहले शिवलिंग पर गंगाजल, कच्चा दूध और साफ जल अर्पित करें।
- इसके बाद भगवान शिव को 11 या 21 बेलपत्र चढ़ाएं। साथ ही धतूरा, भांग, फूल, गेहूं, शहद, चंदन और मिठाई अर्पित करें।
- पूजा करते समय लगातार 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते रहें। आप शिव जी के 108 नामों का स्मरण भी कर सकते हैं।
- शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं और धूप दिखाएं। शिव चालीसा और रुद्राष्टकम का पाठ करें।
- अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की प्रेमपूर्वक आरती करें और अपनी मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।