अपडेटेड 16 March 2026 at 08:59 IST
Lord Shiva Puja: किस समय नहीं करनी चाहिए भगवान शिव की आराधना? जानें भोलेनाथ की पूजा का सही समय, बनी रहेगी कृपा
Shiv Ji Ki Puja Kab Karni Chahiye: अगर सही नियमों और सही समय पर भगवान शिव की पूजा की जाए, तो भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है। सच्चे मन और श्रद्धा से की गई पूजा ही सबसे अधिक फलदायी मानी जाती है।
- धर्म और अध्यात्म
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Shiv Ji Ki Puja Kaise Karni Chahiye: भगवान शिव को देवों के देव कहा जाता है। मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से भोलेनाथ की पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। शिव जी बहुत ही सरल और जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता माने जाते हैं, इसलिए उन्हें भोलेनाथ भी कहा जाता है।
लेकिन कई बार लोग यह नहीं जानते कि भगवान शिव की पूजा किस समय करनी चाहिए और किस समय नहीं करनी चाहिए। शास्त्रों के अनुसार सही समय पर की गई पूजा का फल अधिक मिलता है, जबकि गलत समय पर पूजा करने से उसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। तो चलिए जानते हैं भगवान शिव की पूजा का सही समय क्या है और किस समय पूजा करने से बचना चाहिए।
भगवान शिव की पूजा का सही समय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुबह का समय भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।
ब्रह्म मुहूर्त
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सुबह लगभग 4 से 6 बजे यानी ब्रह्म मुहूर्त भगवान शिव की आराधना के लिए सही होता है। यह समय पूजा-पाठ के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस समय वातावरण शांत और पवित्र होता है, इसलिए शिव जी की आराधना करने से विशेष फल मिलता है।
सुबह स्नान के बाद
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नहाने के बाद शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाकर पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
प्रदोष काल
प्रदोष काल यानी शाम का समय भी भोलेनाथ की पूजा की जा सकती है। सूर्यास्त के बाद का समय भी शिव पूजा के लिए अच्छा माना जाता है। खासतौर पर प्रदोष व्रत के दिन इस समय शिव जी की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
किस समय नहीं करनी चाहिए भगवान शिव की पूजा?
शास्त्रों के अनुसार कुछ समय ऐसे भी होते हैं जब भगवान शिव की पूजा करने से बचना चाहिए।
दोपहर के समय पूजा करने से बचें
दोपहर का समय सामान्य रूप से शिव पूजा के लिए शुभ नहीं माना जाता है। इस समय पूजा करने से विशेष फल नहीं मिलता है।
बिना स्नान किए पूजा न करें
शिव पूजा से पहले शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बिना स्नान किए शिवलिंग की पूजा करना उचित नहीं माना जाता।
मन अशांत होने पर पूजा न करें
अगर मन बहुत क्रोधित या अशांत हो तो पहले मन को शांत करें, फिर ही भगवान शिव की आराधना करें।
शिव पूजा करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
- शिवलिंग पर हमेशा जल या गंगाजल चढ़ाएं।
- पूजा में बेलपत्र जरूर अर्पित करें।
- भगवान शिव को सफेद फूल अधिक प्रिय माने जाते हैं।
- पूजा करते समय “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
शिव जी की पूजा करने से मिलते हैं ये लाभ
- जीवन में आने वाली परेशानियां कम होती हैं।
- घर में सुख और शांति बनी रहती है।
- मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
- भगवान शिव की कृपा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
अगर सही नियमों और सही समय पर भगवान शिव की पूजा की जाए, तो भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है। सच्चे मन और श्रद्धा से की गई पूजा ही सबसे अधिक फलदायी मानी जाती है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 16 March 2026 at 08:59 IST