अपडेटेड 25 January 2026 at 16:13 IST

Pradosh Vrat 2026: 30 या 31 जनवरी, कब है जनवरी महीने का आखिरी प्रदोष व्रत? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

Pradosh Vrat 2026: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। अब ऐसे में 30 या 31 जनवरी प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा? आइए जानते हैं।

Pradosh Vrat 2026
Pradosh Vrat 2026 | Image: Freepik

Pradosh Vrat 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। वहीं जनवरी महीना का आखिरी प्रदोष व्रत बेहद खास माना जा रहा है। यह शुक्रवार के दिन होने के कारण इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है।

अब ऐसे में शुक्र प्रदोष की तिथि को लेकर अक्सर लोगों में असमंजस रहता है कि व्रत 30 जनवरी को रखा जाए या 31 जनवरी को। आइए जानते हैं कि जनवरी महीने का आखिरी प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा?

30 या 31 जनवरी कब है प्रदोष व्रत? 

पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 30 जनवरी को सुबह 11:09 बजे होगा और इसका समापन 31 जनवरी को सुबह 08:25 बजे होगा। प्रदोष व्रत की मुख्य पूजा सूर्यास्त के बाद यानी प्रदोष काल में की जाती है, और त्रयोदशी तिथि का प्रदोष काल 30 जनवरी को ही मिल रहा है, इसलिए जनवरी महीने का अंतिम प्रदोष व्रत 30 जनवरी शुक्रवार को ही रखा जाएगा।

प्रदोष व्रत के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? 

प्रदोष व्रत में शाम के समय महादेव की आराधना का विशेष फल मिलता है। 30 जनवरी को पूजा के लिए निम्नलिखित समय सबसे उत्तम है। 

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  • प्रदोष काल पूजा मुहूर्त - शाम 05:59 बजे से रात 08:37 बजे तक।
  • ब्रह्म मुहूर्त-सुबह 05:25 से 06:18 बजे तक।
  • अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:13 से 12:56 बजे तक।

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शुक्र प्रदोष व्रत का महत्व क्या है? 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुक्र प्रदोष व्रत रखने से जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यह व्रत पति-पत्नी के बीच संबंधों में मधुरता लाता है।शुक्र ग्रह भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक है, इसलिए इस दिन शिव पूजन से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। इसके अलावा अगर आपकी कोई मनोकामना है तो इस दिन पूजा-पाठ करने से आपको उत्तम परिणाम मिल सकते हैं।  

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 25 January 2026 at 16:13 IST