अपडेटेड 2 January 2026 at 13:14 IST
Paush Purnima 2026 Kab Hai: कब रखा जाएगा पौष पूर्णिमा का व्रत? जानें तिथि, स्नान-दान मुहूर्त और पूजा का महत्व
Paush Purnima 2026 Kab Hai : हिंदू धर्म में पौष पूर्णिमा को सुख-शांति और समृद्धि का कारक माना जाता है। अब ऐसे में इस साल पौष पूर्णिमा का व्रत कब रखा जाएगा और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त क्या है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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Paush Purnima 2026 Kab Hai : सनातन धर्म में पौष पूर्णिमा व्रत का बेहद खास महत्व है। इस शुभ तिथि पर स्नान-दान करना बेहद शुभ माना जाता है। पौष पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा विधिवत रूप से करने का विधान है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी हो सकती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पौष पूर्णिमा के दिन व्रत रखने से जातक को सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिल सकती है। अब ऐसे में इस साल पौष पूर्णिमा का व्रत का कब रखा जाएगा और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व है? आइए जानते हैं।
पौष पूर्णिमा का व्रत कब रखा जाएगा?
हिन्दू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष पौष पूर्णिमा की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी कि यह 2 जनवरी को है या 3 जनवरी को। उदय तिथि और शास्त्रों के नियमों के अनुसार, साल 2026 में पौष पूर्णिमा का व्रत और मुख्य स्नान 3 जनवरी 2026, शनिवार को रखा जाएगा।
पौष पूर्णिमा के दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त क्या है?
पौष पूर्णिमा के दिन शुभ मुहूर्त के हिसाब से ही स्नान-दान और पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है।
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- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ - 2 जनवरी को शाम 06 बजकर 53 मिनट से लेकर
- पूर्णमा तिथि समापन - 3 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 32 मिनट तक
- उदया तिथि - 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा।
- स्नान-दान मुहूर्त - सुबह 5 बजकर 25 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 20 मिनट तक
- अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 04 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक
- पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय का समय - शाम 05 बजकर 28 मिनट पर। आप इस दौरान चंद्रमा पूजन कर सकते हैं।
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पौष पूर्णिमा के दिन पूजा का महत्व क्या है?
पौष का महीना सूर्य देव का होता है और पूर्णिमा चंद्रमा की तिथि है। अतः इस दिन पूजा करने से कुंडली में सूर्य और चंद्रमा दोनों की स्थिति मजबूत होती है। ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन विधि-विधान से स्नान और दान करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 2 January 2026 at 13:14 IST