Parama Ekadashi 2026: तीन साल बाद आया है परमा एकादशी का ये खास व्रत, जानें पूजा की विधि और शुभ मुहूर्त
Parama Ekadashi 2026 Today: आज यानि 11 जून 2026 को परमा एकादशी है। यह खास व्रत तीन सालों के बाद आया है। आइए बताते हैं पूजा की विधि से लेकर शुभ मुहूर्त।
- धर्म और अध्यात्म
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Parama Ekadashi 2026 Today: आज 11 जून 2026 को अधिकमास की परमा एकादशी मनाई जा रही है। एकादशी का दिन भगवान विष्णु की आराधना के लिए सबसे खास महत्व रखता है। बड़ी बात यह है कि आज गुरुवार है, जो विष्णु जी को समर्पित दिन है। परमा एकादशी का व्रत हर 3 साल में केवल एक बार आता है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व बहुत होता है। आज विधि-विधान से व्रत करने और पूजा करने से भक्तों पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहती है। आइए आपको बताते हैं आज का परमा एकादशी का शुभ मुहूर्त और पूजा का सही समय।
परमा एकादशी 2026 का पूजा समय
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:02 से 04:42 तक
सुबह का शुभ समय: सुबह 05:59 से 07:30 तक
दोपहर का समय: सुबह 11:53 से दोपहर 12:49 तक
शाम का समय: शाम 07:18 से 07:38 तक
रात का समय: शाम 07:19 से रात 08:19 तक
भगवान विष्णु की पूजा करने का सही तरीका
परमा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनने चाहिए। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करके व्रत का संकल्प करें। पूजा घर को साफ करके एक चौकी पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर रखें। उन्हें पीले फूल, पीले वस्त्र, तुलसी के पत्ते, चावल, फल और धूप अर्पित करें। घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु की कथा पढ़ें और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का मन में जाप करें। इसके बाद विष्णु चालीसा का पाठ करें और आरती करने के बाद भगवान को फल और मिठाई का भोग लगाएं।
परमा एकादशी व्रत का क्या है महत्व
चूंकि अधिकमास का महीना हर 3 साल में आता है, इसलिए यह व्रत भी 3 साल में एक बार ही पड़ता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और दान-पुण्य करने से घर में सुख-शांति और धन की वृद्धि होती है। इस समय गर्मी ज्यादा होती है, इसलिए इस दिन पानी या शरबत का दान करना बहुत पुण्य का काम माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से राजा हरिश्चंद्र ने अपना खोया हुआ राज्य वापस पा लिया था।