अपडेटेड 19 December 2025 at 20:37 IST
New Year 2026 Toran: नए साल के पहले दिन घर के मुख्य द्वार पर लगाएं इस पत्ते का तोरण, घर में आएगी सुख-शांति
New Year 2026 Toran: हिंदू धर्म में तोरण लगाने का विशेष महत्व है। अब ऐसे में नए साल के पहले दिन घर के मुख्य द्वार पर किस पत्ते का तोरण लगाना शुभ माना जाता है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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New Year 2026 Toran: नया साल केवल कैलेंडर बदलने का दिन नहीं है, बल्कि यह नई ऊर्जा, नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक है। हम सभी चाहते हैं कि आने वाला साल 2026 हमारे जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सकारात्मकता लेकर आए। भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत घर की सजावट और शुद्धिकरण से होती है।
वास्तु शास्त्र और हिंदू परंपराओं के अनुसार, घर का मुख्य द्वार वह स्थान है जहां से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। नए साल के स्वागत के लिए अशोक के पत्तों का तोरण लगाना न केवल पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है, बल्कि इसके पीछे गहरे आध्यात्मिक और वैज्ञानिक कारण भी हैं। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
अशोक के पत्ते का क्या है महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अशोक' शब्द का अर्थ ही है शोक को दूर करने वाला'। ऐसा माना जाता है कि जिस स्थान पर अशोक के पत्ते होते हैं, वहां से दुख और दरिद्रता दूर भागती है। अशोक के पत्तों में प्राकृतिक रूप से शुद्धिकरण के गुण होते हैं। मुख्य द्वार पर इन्हें लटकाने से घर में प्रवेश करने वाली नकारात्मक ऊर्जा छन कर सकारात्मकता में बदल जाती है।
शास्त्रों के अनुसार, मांगलिक अवसरों पर अशोक के पत्तों का उपयोग करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। नए साल के पहले दिन इसे लगाने से पूरे वर्ष आर्थिक तंगी नहीं आती है। यदि आपके घर के मुख्य द्वार की दिशा में कोई वास्तु दोष है, तो अशोक के पत्तों का तोरण उसे काफी हद तक कम करने में मदद करता है।
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अशोक के पत्ते लगाने के नियम क्या है?
- तोरण बनाने के लिए अशोक के एकदम ताजे और साफ पत्तों का प्रयोग करें। ध्यान रहे कि पत्ते कहीं से कटे-फटे न हों।
- पत्तों को पिरोने के लिए सूती लाल धागे या मौली का उपयोग करें। लाल रंग सौभाग्य का प्रतीक है।
- तोरण में पत्तों की संख्या 11, 21 या 51 रखना अत्यंत शुभ माना जाता है।
- तोरण तैयार करने के बाद हर पत्ते पर कुमकुम और हल्दी से तिलक लगाएं। द्वार पर लगाने से पहले इसे गंगाजल से शुद्ध करना न भूलें।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 19 December 2025 at 20:37 IST