अपडेटेड 19 November 2025 at 15:51 IST

Margashirsha Amavasya 2025: मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन मिलेगी पितृ दोष से मुक्ति, जानें कैसे करें पितरों का तर्पण?

Margashirsha Amavasya 2025 Kab Hai: मार्गशीर्ष अमावस्या 2025 पितरों को प्रसन्न करने और पितृ दोष से मुक्ति पाने और घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए बेहद उत्तम दिन है। सच्चे मन से किया गया तर्पण और दान जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य लेकर आता है।

Margashirsha Amavasya 2025
मार्गशीर्ष अमावस्या 2025 | Image: Freepik/Meta AI

Margashirsha Amavasya 2025 Date: मार्गशीर्ष मास हिंदू पंचांग का बेहद पवित्र महीना माना जाता है। इस महीने की अमावस्या का विशेष महत्व होता है क्योंकि इसे पितरों को स्मरण करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का श्रेष्ठ दिन माना गया है। माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया तर्पण, दान और पितृ कर्म पितृ दोष के प्रभाव को कम करता है और घर में शांति, सुख-समृद्धि लेकर आता है।

मार्गशीर्ष अमावस्या 2025 कब है?

वर्ष 2025 में मार्गशीर्ष अमावस्या 20 नवंबर 2025, गुरुवार को पड़ेगी। इस दिन सूरज उगने से पूर्व और सुबह–सुबह तर्पण व दान करना शुभ माना जाता है।

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मार्गशीर्ष अमावस्या का महत्व

  • यह दिन पितरों की शांति और मोक्ष के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • पितृ दोष, कार्यों में रुकावट, मानसिक तनाव या आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों को इस दिन तर्पण करने से लाभ मिलता है।
  • ऐसा माना जाता है कि पितरों के आशीर्वाद से घर में पॉजिटिव ऊर्जा बढ़ती है।
  • अमावस्या पर किया गया दान कई गुना फल देता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

पितरों का तर्पण कैसे करें?

  • सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें

शुद्धता तर्पण का पहला नियम है। सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनना अच्छा माना जाता है।

  • दक्षिण दिशा की ओर मुख करके खड़े हों

पितरों की दिशा दक्षिण मानी जाती है, इसलिए तर्पण दक्षिणमुख होकर किया जाता है।

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  • तर्पण के लिए पानी में ये चीजें मिलाएं

तांबे के लोटे या किसी साफ पात्र में तिल, चावल, दूध, फूल, कुशा मिलाकर तीन बार तर्पण किया जाता है।

  • तर्पण मंत्र

यदि ‘ओम् पितृभ्यो स्वधा’ मंत्र बोल सकें, तो बहुत अच्छा होगा, नहीं तो सिर्फ मन में श्रद्धा से पितरों को याद करें: “हे पितृदेव, यह जल आपको अर्पित है, कृपा करके हमारा आशीर्वाद दें।”

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  • पितरों के नाम स्मरण करें

अपने दिवंगत परिवारजनों के नाम लेकर जल अर्पित करें। यदि नाम न याद हों या संदेह हो, तो सामूहिक रूप से भी तर्पण किया जा सकता है।

  • अमावस्या के दिन क्या दान करें?

मार्गशीर्ष अमावस्या पर ये दान अत्यंत शुभ माने जाते हैं- कंबल, कपड़े, तिल, गुड़, चावल, भोजन, दीपदान, गाय, ब्राह्मण, गरीब और जरूरतमंदों को भोजन कराना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।

पितृ दोष से मुक्ति के उपाय

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  • पितरों की फोटो या स्मृति के सामने दीपक जलाएं।
  • घर में पवित्रता रखें और गंगा जल छिड़कें।
  • किसी जरूरतमंद को एक समय का भोजन कराएं।
  • शिव जी और विष्णु भगवान की पूजा करें।
  • पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना भी शुभ माना जाता है।

तर्पण करते समय क्या नहीं करना चाहिए?

  • तर्पण करते समय क्रोध या नकारात्मक भाव न रखें।
  • दूसरों की निंदा, झूठ, शराब या मांसाहार से दूर रहें।
  • श्राद्ध के दिन किसी को व्यर्थ दुख न दें।

मार्गशीर्ष अमावस्या 2025 पितरों को प्रसन्न करने और पितृ दोष से मुक्ति पाने और घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए बेहद उत्तम दिन है। सच्चे मन से किया गया तर्पण और दान जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य लेकर आता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 19 November 2025 at 15:51 IST